प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में पहलगाम हमले पर दिया बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में पहलगाम हमले के संदर्भ में एक बार फिर से अपनी गहरी चिंता और गंभीरता व्यक्त की। उन्होंने इस हमले को न केवल भारतीयों के लिए, बल्कि मानवता के लिए एक बड़ा आघात बताया और निश्चित किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और यह न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
क्या हुआ, कब हुआ, कहां हुआ, क्यों और कैसे?
क्या हुआ? पहलगाम में हाल ही में हुए एक आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में कई निर्दोष लोग मारे गए हैं, जिससे देशवासियों के बीच गहरा आक्रोश है।
कब हुआ? यह हमला कुछ दिन पहले, जब कश्मीर में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही थी, हुआ। इस समय कश्मीर में शांति और लोकतंत्र की स्थिति मजबूत हो रही थी।
कहां हुआ? यह घटना जम्मू और कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुई, जहां लोग छुट्टियां बिताने के लिए आए थे।
क्यों हुआ? आतंकियों का लक्ष्य था कश्मीर में हो रही शांति और विकास को मात देना और देश की यात्रा करने वाले पर्यटकों में भय का संचार करना।
कैसे हुआ? यह हमला एक सुनियोजित तरीके से किया गया, जिसमें निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के हमले भारत की आत्मा पर हमले के समान हैं। उन्होंने विदेशी नेताओं की संवेदनाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मोदी ने वादा किया कि भारत ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा और हमें एकजुटता के साथ इस चुनौती का सामना करना होगा।
दोषियों को मिलेगी कठोर सजा
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि “दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। हम इस हमले के पीछे के सभी तत्वों का पता लगाएंगे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि “पीड़ित परिवारों को न्याय मिलकर रहेगा और हम इस न्याय को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”
देशवासियों की एकता पर जोर
मोदी ने इस हमले के बाद देशवासियों की एकता को सबसे बड़ा आधार बताया। उन्होंने कहा कि “इस मुश्किल समय में हमें एकजुट रहकर अपने संकल्पों को मजबूत करना होगा।” उनके अनुसार, 140 करोड़ भारतीयों की एकता ही आतंकवाद के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार है।
उन्होंने आगे कहा कि “अब यह समय है कि हमें आतंकियों की बची-खुची जमीन को मिट्टी में मिलाने का। हमारी इच्छाशक्ति को कमजोर नहीं होने देना है।”
अंतरराष्ट्रीय समर्थन का आश्वासन
पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी धन्यवाद दिया, जिसके विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों ने इस हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि “इस जघन्य घटना के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट है और हम इस संघर्ष में अपने अंतरराष्ट्रीय साथियों के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।”
विपक्ष की भूमिका
इस हमले के बाद विपक्ष ने भी सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई राजनीतिक दलों ने आतंकवाद के खिलाफ और कठोर नीतियों की मांग की है।
आत्मा का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत की आत्मा को आतंकवाद कभी नहीं तोड़ सकता। जितने भी मानवता के पक्ष में हैं, वे हमारे साथ खड़े हैं। हम उनके समर्थन के लिए आभारी हैं।”
इन सभी के बावजूद, इस हमले ने भारत के नागरिकों के दिलों में एक ज्वाला भड़का दी है, जो न केवल सजा की मांग कर रहे हैं, बल्कि अपने साहस को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भी तत्पर हैं।
इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी के संदेश ने न केवल देशवासियों के मन में विश्वास जगाया है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साहस और संकल्प को भी प्रोत्साहित किया है।
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