पुर्तगाल और स्लोवाकिया की यात्रा का महत्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 से 10 अप्रैल 2025 तक पुर्तगाल और स्लोवाकिया का चार दिवसीय दौरा करेंगी। यह यात्रा विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह भारत और पुर्तगाल के बीच राजनैतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ पर हो रही है। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम), तन्मय लाल ने बताया कि राष्ट्रपति की यात्रा ऐतिहासिक है, क्योंकि यह किसी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा 27 वर्षों बाद किया गया दौरा है।
इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा के निमंत्रण पर वहां जाएंगी। यह यात्रा और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहले पुर्तगाली राष्ट्रपति ने 2020 में भारत का दौरा किया था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 में पुर्तगाल की यात्रा की थी।
क्या है राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा का उद्देश्य?
भारत और पुर्तगाल के बीच संबंधों को और मजबूती प्रदान करना, इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है। विदेश सचिव तन्मय ने कहा कि कई उच्च स्तरीय दौरे पिछले कुछ वर्षों में हुए हैं, और यह यात्रा इन संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी।
साथ ही, यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को भी मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगी। पिछले वर्षों में, पुर्तगाल ने भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जो दोनों के बीच संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
स्लोवाकिया की यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती
राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा के दूसरे भाग में, वह स्लोवाकिया भी जाएंगी। यह भारत की ओर से इस देश की दूसरी राजकीय यात्रा है। विदेश सचिव ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच राजनीतिक जुड़ाव में वृद्धि हुई है। हाल ही में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 2023 में ब्रातिस्लावा का दौरा किया था, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक संबंध मजबूत हुए हैं।
स्लोवाकिया में भारतीय कंपनियों ने महत्वपूर्ण निवेश किया है और इसी तरह, स्लोवाकियाई व्यवसाय भी भारत में विनिर्माण, इस्पात, आईटी हार्डवेयर और रेलवे जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।
रक्षा संबंधों में मजबूती
भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा संबंध लंबे समय से प्रगाढ़ हैं। 2017 में भारत ने स्लोवाकिया के एक उपग्रह को पीएसएलवी द्वारा लॉन्च किया था, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में मदद करता है। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
इस प्रकार, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा भारत-स्लोवाकिया के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी, खासकर जब यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने में स्लोवाकिया ने भारत की मदद की थी।
अतिरिक्त जानकारी
इस दौरे के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी, जिसमें व्यापारिक सम्मेलनों से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। इसका उद्देश्य न केवल द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना है, बल्कि भारत की वैश्विक छवि को भी मजबूती प्रदान करना है।
इसके अलावा, राष्ट्रपति की इस यात्रा से भारतीय समुदाय के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे। यह यात्रा दीर्घकालिक संबंधों की नींव रखेगी और भविष्य में आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देगी।
इस यात्रा के माध्यम से भारत अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नया आयाम देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह ऐतिहासिक दौरा भारत के लिए एक नई दिशा प्रदान करने का अवसर है।
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