पहलगाम हमले ने ओडिशा के बालासोर जिले में शोक की लहर फैला दी
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले के दौरान मारे गए ओडिशा के युवक प्रशांत सत्पथी का अंतिम संस्कार आज उनके घर पर किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, और प्रशांत की पत्नी प्रिया दर्शनी आचार्य को सरकारी नौकरी भी प्रदान करने की घोषणा की गई है।
कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?
कौन: मारे गए युवक का नाम प्रशांत सत्पथी है, जो कि ओडिशा के बालासोर जिले का निवासी है।
क्या: पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें प्रशांत सत्पथी सहित 26 लोगों की जान गई।
कहाँ: यह घटना जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बायसरन घाटी में हुई, जहाँ आतंकवादियों ने अपनी पहचान छिपाकर पर्यटकों से धर्म पूछा और फिर गोलीबारी की।
कब: घटना मंगलवार को हुई, जिसमें करीब 26 लोगों की नृशंस हत्या की गई।
क्यों: यह हमला स्थानीय आतंकवादियों द्वारा किया गया, जो बर्बरता और सांप्रदायिक घृणा का प्रतीक है। यह घटना जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को भी उजागर करती है।
कैसे: हमले में सेना की वर्दी पहने आतंकवादियों ने पर्यटकों को पहले धर्म के बारे में पूछा और उसके बाद उन पर गोलियाँ चलाईं।
सीएम का भावुक संदेश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि, “मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ। राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रशांत सत्पथी के परिवार के साथ खड़ी है।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रशांत की पत्नी के स्वास्थ्य के लिए चिंता जताई और कहा कि उन्हें सरकारी नौकरी दी जाएगी। प्रिया दर्शनी, जिन्होंने इस घटना के बाद अत्यधिक तनाव सहा, बेहोश हो गई थीं, जब सीएम उनसे बात कर रहे थे।
मृतक की बहन ने बताया कि, “हम बहुत मुश्किलों के बाद प्रशांत और उनके परिवार से संपर्क कर पाए। जब हमें यकीन दिलाया गया कि वह ठीक हैं, तभी हमें यह दुखद समाचार मिला कि उन्हें मारा गया है।”
आत्मीय शोक और सरकारी सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार मृतक के बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने का भी वादा करती है। प्रशांत सत्पथी के साथ-साथ हमले में मारे गए अन्य 25 लोगों में दो विदेशी नागरिक और दो स्थानीय लोग भी शामिल थे, जो इस बर्बर हमले का शिकार बने।
अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में शामिल आतंकवादियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है।
आतंकवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया
पहल गाम में इस हमले के बाद सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। सीएम सिद्धारमैया ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और इसे खुफिया विभाग की विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पर्यटकों को भी प्रभावित करती हैं, जो इस खूबसूरत घाटी में आनंद लेने के लिए आते हैं।
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पिछले कुछ समय से नाजुक बनी हुई है, और यह घटना केवल एक और संकेत है कि स्थानीय आतंकवादी अभी भी सक्रिय हैं।
समुदाय की एकजुटता
इस दुखद घटना ने पूरे राज्य और देश में शोक की लहर फैलाई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों ने मृतक परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। स्थानीय लोगों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया है।
आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
धार्मिक नेताओं और समाज का एक बड़ा हिस्सा इस घटना के बाद प्रार्थना सभा आयोजित कर रहा है, जिसमें सभी मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है। सभी समुदाय के लोग एकजुट होकर शांति की अपील कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि कैसे आतंकवाद समाज को प्रभावित करता है और इससे जुड़े सभी लोगों को एकजुट होने की आवश्यकता है।
अधिक जानकारी के लिए, देखें: पहलगाम हमला: विस्तृत रिपोर्ट
इस प्रकार की घटनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है, और हमें एकजुट होकर इसके खिलाफ लड़ना होगा।
अस्वीकृति
हमने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है कि इस लेख और हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दी गई जानकारी सटीक, प्रमाणित और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त हो। यदि आपके पास कोई सुझाव या शिकायत हो, तो कृपया हमसे info@hamslive.com पर संपर्क करें।

