पोर्ट लुईस में पीएम मोदी का ऐतिहासिक दौरा: भारत और मॉरीशस के रिश्तों को नई ऊँचाई मिली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय मॉरीशस दौरा भारतीय समुदाय और संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। इस यात्रा के दौरान, उन्हें मॉरीशस के राष्ट्रपति धरम गोखूल द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। मोदी ने कहा, “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।” यह यात्रा न केवल सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक सहयोग की नई संभावनाओं के द्वार भी खोलती है।
कौन: यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के राष्ट्रपति धरम गोखूल के बीच हुआ।
क्या: मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया और उन्होंने भारत-मॉरीशस के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया।
कहाँ: यह घटना पोर्ट लुईस में आयोजित की गई, जहाँ दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
कब: यह समारोह 12 मार्च 2025 को आयोजित किया गया।
क्यों: इस सम्मान का उद्देश्य भारत और मॉरीशस के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मान्यता देना है।
कैसे: मोदी ने इस पुरस्कार को स्वीकार करते हुए इसे मॉरीशस के पूर्वजों को समर्पित किया, जो भारत से इस द्वीप में आए थे।
मोदी का संबोधन: भारत और मॉरीशस के संबंधों की नई दिशा
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मॉरीशस और भारत का संबंध न केवल हिंद महासागर तक सीमित है, बल्कि यह सांस्कृतिक परंपराओं और साझा मूल्यों से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा, “हमने हमेशा एक-दूसरे का सहारा दिया है, चाहे वह प्राकृतिक आपदाएँ हों या कोविड महामारी।” इस संदर्भ में, मोदी ने दोनों देशों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदारी का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य दो देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि “हम विकास के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, और डिजिटल प्रौद्योगिकी में एक साथ काम करेंगे।” यह उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया एक सशक्त और सकारात्मक दृष्टिकोण है जो दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा।
मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस परेड में भारतीय Navy का अहम योगदान
मोदी की यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना की टुकड़ी ने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस परेड में भाग लिया, जो कि भारत और मॉरीशस के बीच मजबूत सहयोग का प्रतीक है। इस परेड में भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने भी फ्लाईपास्ट किया, जो दोनों देशों के सामरिक संबंधों को दर्शाता है।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने मोदी की उपस्थिति को “दोनों देशों के संबंधों का प्रमाण” बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी स्वतंत्रता की 57वीं वर्षगांठ के राष्ट्रीय दिवस समारोह में अपनी उपस्थिति से हमें सम्मानित किया है।” यह दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को दर्शाता है।
मोदी का व्यक्तित्व: एक नेता के रूप में उनकी भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति में उनकी व्यस्तता और दृढ़ता को देखा जा सकता है। उन्होंने पहले भी विभिन्न देशों के राष्ट्रीय दिवस समारोहों में भाग लिया है, जिसमें भूटान और नेपाल शामिल हैं। यह उनकी कूटनीतिक दृष्टि को दर्शाता है, जो केवल व्यापार या सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक संबंधों को भी महत्व देता है।
इस यात्रा में मोदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत और मॉरीशस का संबंध केवल भौगोलिक दृष्टि से नहीं बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह उनके द्वारा स्वीकार किए गए सम्मान और उनके संबोधन दोनों में स्पष्ट होता है।
आगे की संभावनाएँ: एक मजबूत और स्थायी सहयोग
मोदी ने यात्रा के दौरान भविष्य के लिए कई योजनाएँ साझा की हैं, जिनमें एआई, क्षमता निर्माण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ शामिल हैं। यह भारत-मॉरीशस के संबंधों को एक नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
आगामी वर्षों में, दोनों देश एक दूसरे के साथ एक उन्नत रणनीतिक भागीदारी के तहत काम करने की दिशा में अग्रसर होंगे। इस सहयोग से न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि सांस्कृतिक संबंध भी और मजबूत होंगे।
सारांश: एक नई ओर अग्रसर संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा भारत और मॉरीशस के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। अमर उजाला के अनुसार, इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच नई सहयोग की संभावनाएँ खोली हैं। मॉरीशस में सम्मानित होने के साथ ही मोदी ने भारतीय समुदाय को गर्व महसूस कराया है। इस यात्रा का उद्देश्य केवल व्यापारिक या राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक बंधनों को भी मजबूत करना है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार के अनुसार, यह यात्रा आगे चलकर दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक प्रगति की दिशा में ले जाने का माध्यम बन सकती है।
इस प्रकार, पीएम मोदी की मॉरीशस यात्रा एक नए अध्याय की शुरुआत है, जो भारत और मॉरीशस के संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकती है।
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