मुंबई में शुरू हुआ कारोबार, लेकिन सकारात्मक रुख जल्द ही मिट गया
भारत का शेयर बाजार आज फिर लाल निशान में रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 578.36 अंक की बढ़त के साथ 74,308.59 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 154 अंक चढ़कर 22,491.30 पर पहुंच गया। लेकिन, बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त को जल्द ही गंवा दिया और लाल निशान में चला गया।
शुरुआत में क्या हुआ?
सेंसेक्स के 30 शेयरों में शुरूआत में सकारात्मक रुख देखने को मिला, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी बढ़त गंवा दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 87.42 अंक बढ़कर 73,817.65 पर पहुंचा था, जबकि निफ्टी 35.05 अंक बढ़कर 22,372.35 अंक तक पहुंचा। लेकिन, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली के कारण बाजार ने नकारात्मक दिशा अपनाई।
क्या कारण थे गिरावट के?
बाजार के इस गिरावट का मुख्य कारण एफआईआई द्वारा की गई बिक्री थी। बुधवार को उन्होंने 2,895.04 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार को प्रभावित किया।
रुपये की स्थिति
शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी लुढ़का। डॉलर के मुकाबले रुपया 87.11 रुपये पर पहुंच गया, जो कि पिछले बंद भाव से पांच पैसे की गिरावट दर्शाता है। यह गिरावट अस्थिर शेयर बाजारों और विदेशी कोषों की निकासी के कारण थी।
शेयर बाजार का हाल
बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 74,308.59 पर खुलने के बाद धीरे-धीरे गिरावट के साथ 73,424.98 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 22,491.30 पर खुलने के बाद 22,251.25 पर आ गया।
सेंसेक्स में किसका फायदा और किसका नुकसान?
सेंसेक्स में अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, टाइटन, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, नेस्ले इंडिया और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। वहीं, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज, जोमैटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एक्सिस बैंक जैसे शेयर लाभ में रहे।
पिछले दिन की स्थिति
बुधवार को बाजार ने बढ़त के साथ बंद होने का अनुभव किया था। सेंसेक्स 740.30 अंकों की बढ़त के साथ 73,730.23 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी ने 254.65 अंकों की उछाल के साथ 22,337.30 पर अपना कारोबार समाप्त किया था।
रुपये की स्थिति एक बार फिर कैसे प्रभावित हुई?
रुपया अपने शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में विफल रहा और डॉलर के मुकाबले गिरावट का सामना किया। अस्थिर बाजारों और विदेशी कोषों की निकासी ने इस गिरावट को और बढ़ाया।
जिसके अनुसार ये घटनाएँ घटित हुईं
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए हमने देखा कि बाजार में अस्थिरता का प्रभाव शेयरों पर पड़ा। ऐसा प्रतीत होता है कि निवेशक अभी भी बाजार की स्थिरता को लेकर आशंकित हैं।
शेयर बाजार के बारे में और जानकारी
जिन निवेशकों ने पिछले दिनों सकारात्मकता का अनुभव किया था, उन्हें आज बाजार के इस उतार-चढ़ाव के चलते एक बार फिर से सावधान रहना होगा। बाजार के इस मौजूदा हालात में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश को संतुलित रखें और अच्छे अवसर की तलाश में रहें।
विशेष जानकारी के लिए यहाँ जाएं:[ब्लूमबर्ग से जानकारी](https://www.bloomberg.com/) और[रिसर्च द्वारा अपडेट्स](https://www.researchgate.net/)
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