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Wednesday, January 21, 2026

चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की निराशा: राशिद लतीफ ने वसीम और वकार पर साधा निशाना

खेलचैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की निराशा: राशिद लतीफ ने वसीम और वकार पर साधा निशाना

पाकिस्तान क्रिकेट की बुराईयों को उजागर करते हुए पूर्व कप्तान का विवादास्पद बयान

कराची: हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद देश भर में हडकंप मच गया है। इस बुरे प्रदर्शन के लिए जहां पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं पूर्व क्रिकेटर राशिद लतीफ ने भी 90 के दशक के दिग्गज क्रिकेटरों पर कटाक्ष किया है। उनका लक्ष्य खासकर वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे नामी खिलाड़ियों की ओर था, जिनका मानना है कि उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट को पीछे धकेलने में बड़ा योगदान दिया है।

किसने क्या कहा?

लतीफ ने जियो न्यूज के शो ‘हारना मन है’ में कहा कि पाकिस्तान को दूसरा विश्व कप जीतने में 17 साल लग गए, जिसे उन्होंने 2009 में टी20 फॉर्मेट में जीता। उनका कहना था कि 90 के दशक के खिलाड़ियों ने आगामी पीढ़ियों को बख्शा नहीं और उनका प्रभाव पाकिस्तान क्रिकेट पर नकारात्मक रहा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा, “इनके सामने पैसे फेंको, ये कुछ भी कर देंगे।” इस बयान से साफ है कि लतीफ का इशारा उस समय के दिग्गज खिलाड़ियों की ओर था, जो अब पाकिस्तान क्रिकेट के लिए सलाहकार बन गए हैं।

क्या हुआ चैंपियंस ट्रॉफी में?

चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। टीम अपने ग्रुप स्टेज में कई महत्वपूर्ण मैच हार गई और अंततः प्रतियोगिता से बाहर हो गई। इस प्रदर्शन ने देश के क्रिकेट प्रशंसकों में निराशा की लहर दौड़ा दी, जो पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक कठिन समय है।

कब और क्यों?

चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन मार्च 2025 में हुआ था, जिसमें कई देशों ने भाग लिया। पाकिस्तान के बाहर होने के बाद टीम की आलोचना तेज हो गई है। प्रशंसक और विशेषज्ञ दोनों ही इस पर विचार कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। लतीफ की टिप्पणी उस समय और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, जब देखा जाता है कि वे पूर्व खिलाड़ियों के लिए एक सख्त संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं।

कैसे और क्या आगे?

लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सलाह दी है कि वे 1992 विश्व कप विजेता टीम को प्रबंधन से अलग रखें। उन्होंने कहा कि जो भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, वह वर्तमान क्रम को बाधित कर रहा है। उन्हें लगता है कि युवा खिलाड़ियों को स्वतंत्रता और अवसर दिए जाने चाहिए, ताकि वे अपने खेल में सुधार कर सकें।

क्या है पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति?

पाकिस्तान क्रिकेट ने हाल के वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। राष्ट्रीय टीम की असफलता ने खिलाड़ियों के बीच विवाद पैदा कर दिया है। कुछ पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि देश के क्रिकेट पर दिग्गज खिलाड़ियों का बहुत अधिक नियंत्रण है, जिसने युवा प्रतिभाओं के विकास को प्रभावित किया है।

लतीफ के बयान ने देश के क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। पूर्व खिलाड़ियों के बीच मौजूदा गतिशीलता और उनकी भूमिका को लेकर विचार-विमर्श प्रारंभ हो गया है। जैसा कि लतीफ ने कहा है, “पैसे के पीछे भागते हुए, क्रिकेट की विकास की राह में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।”

क्या है आगे का रास्ता?

अगर पाकिस्तान को अपनी क्रिकेट संरचना को ठीक करना है, तो लतीफ जैसे पूर्व खिलाड़ियों की आवाज़ को सुनना होगा। नए खिलाड़ियों को सही ट्रेनिंग और अवसर दिए जाने चाहिए। इससे न केवल खेल का स्तर ऊँचा होगा, बल्कि विश्व स्तर पर भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।

इस बीच, चैंपियंस ट्रॉफी के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए, टीम प्रबंधन में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। इससे नए विचारों और दृष्टिकोण को लागू करने का अवसर मिलेगा।

समाप्ति की ओर:

पाकिस्तान क्रिकेट को अपने ढांचे में आवश्यक सुधार लाने की जरूरत है। वर्तमान स्थिति पर विचार करते हुए, यह ज़रूरी है कि सभी सम्मानित पूर्व खिलाड़ियों की राय ली जाए। खिलाड़ियों की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और अपने खेल में सुधार करने के लिए सही वातावरण तैयार करना चाहिए।

पाकिस्तान की क्रिकेट परंपरा को सभी खिलाड़ियों को मिलकर सुरक्षित और सुधारित करना चाहिए। जैसा कि लतीफ ने कहा, “अगर हम दुनिया की क्रिकेट में शीर्ष पर रहना चाहते हैं, तो हमें ईमानदारी से काम करना होगा।”

 

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