अमेरिकी प्रत्यावर्तन मामले पर हो रही गरमागरम चर्चा
भारतीय संसद के बजट सत्र में आज चर्चा एक महत्वपूर्ण मुद्दे, अमेरिका से भारत वापस भेजे गए अवैध अप्रवासियों पर हो रही है। इस विषय पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों सदनों में बयान दिया है। आज भी यह विषय गरमागरम चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।
कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?
कौन: इस चर्चा का मुख्य केंद्र भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्यों का है।
क्या: अमेरिका में भारतीय नागरिकों के साथ अवैध तरीके से किए गए व्यवहार और उनके प्रत्यावर्तन के मामले पर चर्चा की जा रही है।
कहाँ: यह चर्चा संसद के दोनों सदनों में चल रही है, जहां लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया गया है।
कब: यह चर्चा 7 फरवरी 2025 को हो रही है, जब यह स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर गंभीर है।
क्यों: यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारतीय नागरिकों के अधिकारों और उनके प्रति दूसरे देशों की नीतियों का सवाल उठता है।
कैसे: विपक्ष ने प्रमुखता से स्थगन प्रस्ताव पेश किया और इससे संसद में हंगामा हुआ है।
संसद की कार्यवाही
संसद की कार्यवाही आज सुबह 11:02 बजे शुरू हुई, जहां लोकसभा में प्रश्नकाल चल रहा है। लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल बयान की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
अमेरिकी सरकार द्वारा अवैध भारतीय अप्रवासियों के प्रत्यावर्तन पर विपक्ष का कहना है कि यह भारतीय नागरिकों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि सरकार अपनी ओर से तत्काल कार्रवाई करे।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष का कहना है कि भारत को इस मामले में एक मजबूत स्टैंड लेना चाहिए। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जिससे संसद में हंगामा खड़ा हो गया है। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा।
विदेश मंत्री का बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने बयान में कहा कि सरकार अमेरिकी अधिकारियों के साथ संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उनके अनुसार, यह मामला संवेदनशील है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
क्या है अमेरिका का रुख?
अमेरिकी सरकार ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की घोषणा की है, जिससे कई भारतीय नागरिक अमेरिकी सीमा पर फंसे हुए हैं। भारत सरकार ने इस मुद्दे को लेकर अमेरिका के साथ संवाद करने का निर्णय लिया है।
आगे की रणनीति
इस पर चर्चा करते हुए, एस. जयशंकर ने कहा कि आगे की रणनीति के तहत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए राज्य और केंद्र सरकारें मिलकर काम करेंगी।
हंगामेदार स्थिति
आज संसद में इस मुद्दे पर हंगामेदार स्थिति के बनने की उम्मीद है। विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए कई सवाल किए हैं। इससे पहले भी, उन्हें सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का मौका मिला है, और इस बार भी कुछ ऐसा ही होने के आसार हैं।
इस महत्वपूर्ण चर्चा में भारतीय नागरिकों के मानवाधिकार और अमेरिका की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विषय न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।
इस विषय पर और अधिक जानकारी के लिए[संसद ब्रीफिंग](https://www.parliamentofindia.nic.in/) और[विदेश मंत्रालय की वेबसाइट](https://www.mea.gov.in/) पर भी जा सकते हैं।

