वाशिंगटन में मोदी-ट्रंप की भेंट: पारस्परिक संबंधों की गहराई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात ने दोनों देशों के बीच की दोस्ती को एक नई दिशा दी है। इस दौरान ट्रंप ने मोदी को ‘अवर जर्नी टुगेदर’ नामक किताब भेंट की, जिसमें उनकी दोस्ती की पुरानी यादें संकलित की गई हैं। इस किताब में ट्रंप के भारत दौरे की महत्वपूर्ण बातें भी शामिल हैं।
इस मुलाकात में क्या हुआ? संवाद के दौरान, ट्रंप ने मोदी को सख्त वार्ताकार मानते हुए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी मुझसे कहीं ज्यादा कठोर और बेहतर वार्ताकार हैं।” ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी मुलाकात के दौरान दोनों ने भारत और अमेरिका के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह बातचीत अमेरिका और भारत के लिए एक नए युग की शुरुआत साबित हो सकती है, जिसमें सहयोग और मित्रता का भाव स्पष्ट है।
कहाँ और कब? यह वार्ता वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में संपन्न हुई। 14 फरवरी 2025 को हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने अपने-अपने देशों के बीच सामरिक और आर्थिक संबंधों की मजबूती पर जोर दिया। इसमें अमेरिका द्वारा भारत को एफ-35 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति का निर्णय भी महत्वपूर्ण रहा।
क्यों? दोनों देशों के बीच के संबंधों को और मजबूत करना, वैश्विक चुनौतियों का सामना करना और साझी लाभ के लिए सहयोग को बढ़ाना इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य था। इसके साथ ही, पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई और 26/11 मुंबई हमले के दोषियों को न्याय दिलाने के लिए भी दोनों नेताओं ने एक सुर में आवाज उठाई।
कैसे? इस मुलाकात में ट्रंप ने पीएम मोदी को कुर्सी पर बिठाने की एक खास शैली का इस्तेमाल किया और फिर गले लगाते हुए कहा, “आप बहुत याद आए।” यह क्षण सिर्फ एक राजनीतिक संवाद नहीं बल्कि एक मानवीय संबंध भी दर्शाता है, जो दोनों नेताओं के बीच बने हुए मजबूत बंधन को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण बातचीत के अंश
अंतरिक्ष और ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा
इस मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क से भी मुलाकात की, जहाँ अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। ट्रंप ने मस्क को अपने प्रशासन में एक महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। यह मिलन भारतीय और अमेरिकी उद्योगों के बीच भागीदारी में वृद्धि का संकेत देता है।
27/11 के दोषियों पर कार्रवाई
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने पाकिस्तान से 26/11 के मुंबई हमलों के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। इस संदर्भ में ट्रंप ने तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण की घोषणा की, जिससे यह सिद्ध होता है कि दोनों देश आतंकवाद की समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं।
असैन्य परमाणु सहयोग को बढ़ावा
इस मुलाकात में पीएम मोदी और ट्रंप ने 16 साल पहले हुए असैन्य परमाणु समझौते की समीक्षा की और इसे आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। अमेरिका ने भारत में अमेरिकी डिजाइन वाले परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस पहल से भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नवीनता और विकास की संभावना बढ़ेगी।
भारत को मिलेगें एफ-35 लड़ाकू विमान
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि भारत को एफ-35 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की जाएगी, जो कि दो देशों के बीच के रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा। इससे भारत की सैन्य क्षमताओं में विस्तार होगा और अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग में नए आयाम जुड़ेंगे।
आगे की दिशा
इस महत्वपूर्ण वार्ता ने दोनों देशों के बीच सहयोग को एक नई गहराई दी है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मित्रता से यह स्पष्ट होता है कि दोनों नेता अपने-अपने देशों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
As per the report by अमर उजाला, प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की यह बैठक वास्तव में वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और सहयोग के लिए एक नई रणनीति का संकेत देती है। यह भविष्य के लिए नए द्वार खोलती है और भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती प्रदान करती है।
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