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Wednesday, January 21, 2026

हिंदी भाषा का वैश्विक महत्व: संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने किया उद्घाटन

इंडियाहिंदी भाषा का वैश्विक महत्व: संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने किया उद्घाटन

संयुक्त राष्ट्र में हिंदी की अद्भुत यात्रा: विश्व हिंदी दिवस पर महत्वपूर्ण घोषणा

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने हिंदी भाषा की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह भाषा दुनिया भर में 60 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है और संयुक्त राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में, भारत के स्थायी मिशन ने ‘बहुभाषिकता और विदेशों में हिंदी का प्रचार’ विषय पर चर्चा की। यह कार्यक्रम गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र के परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

क्या हुआ?
इस कार्यक्रम में महिला और बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत का सामाजिक ताना-बाना बहुभाषीय और बहुसांस्कृतिक है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार हिंदी को और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए कई पहल कर रही है।

कहाँ हुआ?
यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में आयोजित किया गया, जहाँ भारत के स्थायी मिशन द्वारा हिंदी की वैश्विक पहचान को बढ़ावा देने के लिए विशेष गतिविधियाँ की गईं।

कब हुआ?
यह कार्यक्रम 16 फरवरी 2025 को आयोजित किया गया, जो कि विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर विशेष रूप से महत्वपूर्ण था।

क्यों हुआ?
विश्व हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना और इसे अन्य भाषाओं के साथ एक समान स्तर पर लाना है। साथ ही, यह कार्यक्रम उन सभी प्रयासों को भी समर्थन देता है जो हिंदी के प्रचार-प्रसार में मददगार होते हैं।

कैसे हुआ?
कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक संचार उप महासचिव मेलिसा फ्लेमिंग ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी@यूएन परियोजना जैसी पहलें हिंदी भाषियों को संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों के करीब लाने में मदद कर रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र में हिंदी का स्थान
इस अवसर पर भारतीय स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने यह भी बताया कि हिंदी को अब संयुक्त राष्ट्र में गैर-आधिकारिक भाषाओं की सूची में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही, भारत ने हिंदी में संयुक्त राष्ट्र समाचार को बढ़ावा देने के लिए लगभग 70 लाख डॉलर का योगदान भी किया है।

भारत सरकार की पहलें
भारत सरकार ने 10 जनवरी 2006 को विश्व हिंदी दिवस की शुरुआत की थी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हिंदी को वैश्विक स्तर पर पहचान मिले। तब से, हर वर्ष यह दिवस दुनियाभर में मनाया जाता है।

पिछले वर्ष नवंबर में भी संयुक्त राष्ट्र में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें भारत के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ था। सांसद बीरेंद्र प्रसाद बैश्य ने इस अवसर पर विभिन्न देशों में हिंदी की बढ़ती लोकप्रियता पर प्रकाश डाला।

संक्षेप में:
हिंदी दिवस का यह कार्यक्रम न केवल हिंदी की वैश्विक पहचान को बढ़ावा देने का एक मंच था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार भारतीय संस्कृति और भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है।

अगर आप हिंदी और उसकी वैश्विक पहचान के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो[यहां](https://www.un.org) क्लिक करें।

संयुक्त राष्ट्र में हिंदी का भविष्य
इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया है कि हिंदी भाषा का भविष्य उज्जवल है, और इसके प्रचार-प्रसार के लिए कई पहल की जा रही हैं। अगर आप इस दिशा में और जानकारियाँ प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमें फॉलो करें और अपडेट्स पाने के लिए हमारी ऐप्स डाउनलोड करें!

 

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