नई दिल्ली में स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप की स्थापना, 21वीं सदी के विकसित भारत का सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में भारत मंडपम में ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ (SOUL) लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भी उपस्थित रहे। मोदी ने इस अवसर पर कहा कि आज हर भारतीय 21वीं सदी के ‘विकसित भारत’ के लिए दिन-रात काम कर रहा है। ऐसे में 140 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में हर सेक्टर और हर वर्टिकल में उत्तम नेतृत्व आवश्यक है।
कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे
कौन: इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे शामिल हुए।
क्या: ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ की स्थापना और लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन।
कहाँ: नई दिल्ली, भारत मंडपम।
कब: आज, यानी 21 फरवरी 2025।
क्यों: भारत की विकास यात्रा में उत्कृष्ट नेतृत्व का विकास आवश्यक है।
कैसे: विभिन्न क्षेत्रों की सफल हस्तियों के अनुभव साझा करने के माध्यम से।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहाँ विशेष रूप से उल्लेख किया कि ‘बेजोड़ नेताओं का निर्माण आवश्यक है’ और ‘स्वामी विवेकानंद’ का दृष्टिकोण भारत को संपूर्णता में बदलने के लिए प्रेरित करेगा। उनका विश्वास था कि यदि उनके पास 100 लीडर होते, तो वे भारत को न केवल आजादी दिला सकते थे, बल्कि इसे दुनिया का सबसे ताकतवर बना सकते थे।
नागरिकों का निर्माण करते समय राष्ट्र निर्माण आवश्यक
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ कार्यक्रम दिल के बहुत करीब होते हैं और यह कार्यक्रम भी उन में से एक है। उन्होंने कहा कि ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ की प्रक्रिया का महत्व समझना होगा। मोदी ने यह भी बताया कि आने वाले समय में भारत का प्रभाव विभिन्न सेक्टर्स में कई गुना बढ़ेगा। उन्होंने कहा, ‘हमें वैश्विक सोच और स्थानीय पालन-पोषण के साथ आगे बढ़ना है।’
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भी अपने मुख्य भाषण में भारत और भूटान के बीच संबंधों को मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘हमारा सहयोग हमें एक नई शक्ति में बदलने में मदद करेगा।’
लोगों की भागीदारी से होगा विकास
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि ‘भविष्य के विकास के लिए जरूरत है कि 140 करोड़ भारतीय एकत्रित होकर कार्य करें।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर क्षेत्र में उच्चतम नेतृत्व की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत दुनिया में एक अग्रणी शक्ति के रूप में उभरे।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों का योगदान
इस सम्मेलन में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्म, लोकनीति, व्यापार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियाँ शामिल होंगी, जो अपनी सफलता की कहानियों को साझा करेंगी। यह सम्मेलन केवल दो दिन का है, लेकिन इसकी तैयारी और उद्देश्यों की गंभीरता इसे एक महत्वपूर्ण मंच बनाती है।
समाज में लीडरशिप के महत्व को समझना
यह सम्मेलन एक ऐसा मंच है, जिसमें हम सभी को लीडरशिप के नए पहलुओं को समझने और सीखने का अवसर मिलेगा। हर व्यक्ति के अंदर नेतृत्व की क्षमता होती है, उसे पहचानना और उसे विकसित करना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले समय में हमें ‘लो कूटनीति से टेक इनोवेशन’ के माध्यम से नए नेतृत्व का निर्माण करना होगा। इससे न केवल भारत का बल्कि पूरे क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा।
अमर उजाला के अनुसार, इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य भारतीय नागरिकों को एकजुट करना है ताकि वे विकास की दिशा में आगे बढ़ सकें।
इस संबंध में और जानकारी के लिए, आप NDTV और The Hindu जैसी विश्वसनीय साइटों पर जा सकते हैं।
भविष्य के नेता हमारे समाज के विकास के प्रमुख स्तंभ होंगे। यदि हम उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान कर सकें, तो भारत को दुनिया का सबसे उत्कृष्ट देश बनने से कोई नहीं रोक सकता।
आगामी चुनौतियों का सामना
लेकिन, इसके लिए हमें एकजुटता से काम करना होगा। आज की युवा पीढ़ी ही कल का नेतृत्व करेगी। इसलिए, हमें उन्हें प्रेरित करना और उनकी क्षमता को निखारना होगा। भारत की ताकत उसके नागरिकों में है और हमें यह पहचानना होगा कि एक उत्कृष्ट नेता वही होता है, जो अपने समाज की भलाई के लिए काम करता है।
अंततः, यह कार्यक्रम न केवल भारत के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा भी है। प्रधानमंत्री मोदी का यह प्रयास हर भारतीय को अपने देश के लिए कुछ खास करने के लिए प्रेरित करेगा।
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