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Wednesday, January 21, 2026

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कटौती, नक्सल समस्या के समाधान के लिए CRPF को मिलेगा बड़ा बजट

अर्थव्यवस्थाप्रधानमंत्री की सुरक्षा में कटौती, नक्सल समस्या के समाधान के लिए CRPF को मिलेगा बड़ा बजट

प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए SPG का बजट कम, CRPF को मिलेगी बड़ी राशि

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत सरकार ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के बजट में कई महत्वपूर्ण परिवर्तनों की घोषणा की है। खासकर, भारतीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा में जिम्मेदार स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के बजट में कटौती की गई है। वहीं, नक्सल समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के बजट में भारी इजाफा किया गया है। इस नई बजट योजना के तहत, एसपीजी का बजट पिछले वर्ष के 506.32 करोड़ रुपये से घटकर 489 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि सीआरपीएफ का बजट 31,543.20 करोड़ रुपये से बढ़कर 35,147.17 करोड़ रुपये हो गया है।

इस बजट का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों और आतंकवादियों से मुकाबला करने के लिए अधिक संसाधन जुटाना है। सीआरपीएफ देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर उत्तर पूर्व और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रमुख भूमिका निभा रहा है।

क्यों और कब: इस बजट की घोषणा 2025-26 के लिए शनिवार को लोकसभा में की गई। इसका उद्देश्य न केवल प्रधानमंत्री की सुरक्षा को सुदृढ़ करना है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की क्षमता को बढ़ाना भी है।

कैसे: इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में पिछले कुछ वर्षों में कुछ चूकें सामने आई थीं, जैसे कि 5 फरवरी 2022 को पंजाब में उनके काफिले को रोका गया था। इसके बाद से SPG की सुरक्षा प्रणाली में कई तकनीकी बदलाव किए गए हैं।

बजट की प्रमुख बातें:

1. **SPG का बजट:** पिछले वर्ष के 506.32 करोड़ रुपये से घटकर 489 करोड़ रुपये।

2. **CRPF का बजट:** 31,543.20 करोड़ रुपये से बढ़कर 35,147.17 करोड़ रुपये।

3. **अन्य बलों का बजट:** बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ के बजट में भी इजाफा किया गया है।

आधिकारिक बयान: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले 5 साल में कई प्रकार के खतरों से निर्णायक लड़ाई लड़ी है।” उन्होंने बताया कि पूर्वोत्‍तर, वामपंथी उग्रवाद और कश्मीर के खतरों पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार की नीतियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

खुफिया तंत्र की भूमिका: इसके अलावा, खुफिया एजेंसियों के बजट में भी मामूली वृद्धि की जा रही है। आसूचना ब्यूरो (IB) के बजट में वृद्धि की गई है, जिससे सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

सुरक्षा बलों के बजट में वृद्धि: सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी को मिल रहे बढ़े हुए बजट के साथ, ये बल अपनी तकनीकी क्षमताओं को बेहतर बनाएंगे। इससे सशस्त्र बलों की सुरक्षा तंत्र को अधिक सक्षम बनाना एक प्रमुख उद्देश्य है।

भविष्य की योजना: सरकार ने अगले वर्षों में इन सुरक्षा बलों के बजट को बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि देश के भीतर स्वच्छता, कानून व्यवस्था और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

रिपोर्ट के अनुसार: ‘As per the report by The Economic Times,’ बजट में ये परिवर्तन सुरक्षा को एक नई दिशा देने का प्रयास है।

इस माध्यम से सरकार ने न केवल जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, बल्कि आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया है।

इस तरह केंद्रीय बजट का यह निर्णय न केवल सुरक्षा बलों को सशक्त बनाने का कार्य करेगा, बल्कि आतंकवादी गतिविधियों और नक्सल प्रभाव को कम करने में भी सहायता करेगा।

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:[India Today](https://www.indiatoday.in) और[The Hindu](https://www.thehindu.com)

 

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