नालंदा: बर्बरता का राक्षसी चेहरा, बेटा मां की हत्या कर शव दफनाने में लगा था
नालंदा में एक कपूत बेटे ने अपनी ही मां की हत्या कर दी, जो न केवल इस परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा सदमा है। यह घटना राजगीर थाना क्षेत्र स्थित सबलपुर गांव में घटी, जहां आरोपी बेटे ने अपनी 75 वर्षीय मां, साखो देवी, का सिर काटकर शव को घर में दफनाने की कोशिश की। इस मामले ने न केवल स्थानीय लोगों को चौंका दिया है, बल्कि यह एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर देता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ होगा जिससे एक बेटा अपनी मां की हत्या कर दे।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद, राजगीर थाना अध्यक्ष रमन कुमार और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी, अजीत कुमार, ने पहले ही करीब दो फीट गड्डा खोद लिया था। आसपास के लोगों ने सही समय पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
घटना का समय और स्थान
शनिवार की सुबह यह घटना हुई जब मोहन उपाध्याय घर से बाहर निकले और अपनी पत्नी के शव की हत्या की जानकारी दी। अजीत कुमार, जो कि मोहन उपाध्याय का छोटा बेटा है, ने पहले अपनी मां के साथ मारपीट की थी। यह स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी, लेकिन जैसे ही अजीत ने हत्या की, उसके पिता ने शोर मचाया और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए।
हत्या के कारण और आरोपी का हाल
पुलिस की जांच में पता चला है कि अजीत कुमार हमेशा नशे में रहता था और इस कारण वह कई बार अपने मां-बाप के साथ बुरा व्यवहार कर चुका था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि अजीत ने पहले भी अपनी मां पर हमला किया था जो कि उसके नशे की आदत के कारण हुआ था।
बेटे की इस बर्बरता ने न केवल पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है, बल्कि यह एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या और नशे के प्रभाव को भी उजागर करता है।
पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल की जांच
हत्या की सूचना मिलने के बाद, पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और इसे पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजा। इसके साथ ही, एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अभी तक हत्या के कारणों पर सस्पेंस बना हुआ है, और पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
स्थानीय लोगों का रुख
स्थानीय लोगों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अजीत की हरकतें बढ़ गई थीं। उनके अनुसार, अजीत का मां के प्रति हमेशा अनादर रहा है, और नशे की वजह से उसकी बेतुकी हरकतें बढ़ गई थीं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि ऐसे मामलों में शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
तनाव और मानसिक स्वास्थ्य
इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों और नशे की आदतों को एक बार फिर से उजागर किया है। अत्यधिक शराब और नशे का सेवन केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है।
समाज की जिम्मेदारी
इस तरह की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि समाज को क्या करना चाहिए सख्त कानून बनाने से ज्यादा जरूरी है कि हम मानसिक स्वास्थ्य और नशे के मुद्दों पर ध्यान दें। यदि समाज में यह जागरूकता बढ़ेगी, तो शायद भविष्य में ऐसे मामलों की संख्या में कमी आएगी।
बिहार के अन्य अपराध मामले
बिहार में इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें पारिवारिक विवाद और नशे की लत ने भयंकर परिणाम पैदा किए हैं। इससे जुड़ी और खबरें पढ़ने के लिए[यहाँ क्लिक करें](https://www.amarujala.com), या फिर बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त करें[यहाँ क्लिक करें](https://www.biharpolice.gov.in)।
समाज के लिए सीख
यह घटना हमारे समाज के लिए एक सीख है कि हमें अपने परिवार के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यदि किसी के व्यवहार में बदलाव आ रहा हो तो उसे समय रहते पहचानना और सुधारना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी बर्बरतापूर्ण घटनाएं न हों।
हम आशा करते हैं कि पुलिस इस मामले की पूरी जांच कर सही तथ्यों को सामने लाएगी और आरोपी को उचित सजा दिलाने में सफल होगी।
अस्वीकृति
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