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Thursday, January 22, 2026

तेलंगाना सुरंग हादसे पर जेपी ग्रुप के संस्थापक का बयान: ‘मुश्किल कार्यों के दौरान दुर्घटनाएँ होती हैं’

इंडियातेलंगाना सुरंग हादसे पर जेपी ग्रुप के संस्थापक का बयान: 'मुश्किल कार्यों के दौरान दुर्घटनाएँ होती हैं'

तेलंगाना सुरंग हादसे पर जेपी ग्रुप के संस्थापक का बयान | हादसे के बावजूद बचाव कार्य जारी, 8 लोग फंसे हुए

तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में एसएलबीसी सुरंग में हुए हादसे के बारे में जेपी ग्रुप के संस्थापक, जयप्रकाश गौड़ का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ‘मुश्किल कामों के दौरान हादसे हो जाते हैं’। यह हादसा तब हुआ जब जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड को तेलंगाना के श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कनाल प्रोजेक्ट का ठेका दिया गया था। यह परियोजना सुरंग की खुदाई से संबंधित है, जिसमें आठ लोग फंस गए हैं जिन्हें निकालने के लिए बचाव कार्य लगातार जारी है।

कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?

कौन?: यह हादसा जेपी ग्रुप की कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के द्वारा किए गए सुरंग निर्माण के दौरान हुआ है।

क्या?: इस हादसे में कुल आठ लोग फंस गए हैं, जिनमें दो इंजीनियर और चार मजदूर शामिल हैं।

कहाँ?: यह घटना तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में स्थित सुरंग में हुई है।

कब?: यह हादसा 23 फरवरी 2025 को हुआ था और बचाव कार्य पांच दिन बाद भी जारी है।

क्यों?: जयप्रकाश गौड़ के अनुसार, कठिन कामों के दौरान इस प्रकार की दुर्घटनाएँ सामान्य हैं और उन्होंने अपने करियर में ऐसे कई हादसों का अनुभव किया है।

कैसे?: बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और रैट माइनर्स की 20 सदस्यीय टीम लगी हुई है, लेकिन मलबे और कीचड़ के कारण अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

हादसे के दिन से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं

तेलंगाना के सिंचाई मंत्री, उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान फंसे लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। हालांकि, सुरंग में लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। जयप्रकाश गौड़ ने कहा है कि वे स्थिति का आकलन कर रहे हैं और उनकी टीम पूरी कोशिश कर रही है कि फंसे हुए लोग बाहर आ सकें।

फंसे मजदूरों की स्थिति

सुरंग में फंसे आठ लोगों में जयप्रकाश एसोसिएट्स के दो इंजीनियर, चार मजदूर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि इस प्रोजेक्ट पर कुल 60 लोग काम कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि बचाव दल को मलबे और कीचड़ से जूझना पड़ रहा है, जिससे राहत कार्य में देरी हो रही है।

जानकारी का स्रोत

As per the report by[Amar Ujala](https://www.amarujala.com/), सुरंग हादसे के बाद के हालात लगातार बदल रहे हैं और सभी संबंधित एंजेंसियों का ध्यान इस ओर है कि जल्द से जल्द फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित निकाला जा सके।

लोगों की प्रतिक्रियाएँ

इस हादसे पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त की है और सरकार से उचित कदम उठाने की अपील की है। कई लोग सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।

आगे की राह

इस घटना ने एक बार फिर से इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है। विश्लेषक मानते हैं कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए उचित सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए। जयप्रकाश गौड़ ने कहा है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सभी फंसे लोग सुरक्षित बाहर आएँ।

तेलंगाना में सुरंग निर्माण के लिए नौकरी करने वाले श्रमिकों के लिए यह घटना एक गंभीर अनुस्मारक है कि उनकी सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। उम्मीद की जाती है कि इस हादसे के बाद सुरक्षा मानकों में सुधार किया जाएगा और भविष्‍य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे।

सुरक्षित निर्माण कार्य के लिए आवश्यक उपाय

हर निर्माण कार्य में सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित प्रशिक्षण, उपकरणों की जांच और कर्मचारियों की मानसिकता को सुधारने की आवश्यकता है। यह देखना होगा कि इस हादसे के बाद प्रशासन और कंपनियाँ किस प्रकार की कार्रवाई करती हैं।

बचाव कार्य के बारे में नवीनतम जानकारी के लिए संपर्क में रहें। अगर आप अधिक जानकारी चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट पर आने के लिए धन्यवाद।

 

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