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Thursday, January 22, 2026

यूपी विधानसभा का बजट सत्र: 16 दिन चलने वाला है, 20 फरवरी को होगा बजट पेश

इंडियायूपी विधानसभा का बजट सत्र: 16 दिन चलने वाला है, 20 फरवरी को होगा बजट पेश

लखनऊ: 18 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा यूपी विधानसभा का बजट सत्र

यूपी विधानसभा का आगामी बजट सत्र इस बार 16 दिनों का होगा। यह सत्र 18 फरवरी से आरंभ हो कर 5 मार्च तक चलेगा। इस दौरान 20 फरवरी को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। इस सत्र के दौरान सदन के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सभी राजनीतिक दलों के बीच खींचतान का माहौल देखने को मिल सकता है। इस बार के बजट की अनुमानित राशि लगभग आठ लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।

कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?

कौन: इस बजट सत्र में यूपी विधानसभा के सभी सदस्य भाग लेंगे, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल हैं।

क्या: सत्र के प्रमुख एजेंडे में राज्य बजट का प्रस्तुतीकरण, जिसमें किसानों के कल्याण और विकास योजनाओं पर जोर दिया जाएगा।

कहाँ: यह सत्र यूपी विधानसभा में आयोजित होगा, जहाँ विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से आरंभ होगा।

कब: यह सत्र 18 फरवरी से शुरू होकर 5 मार्च तक चलेगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

क्यों: बजट सत्र का प्रमुख उद्देश्य राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारना और विभिन्न योजनाओं के लिए धन का आवंटन करना है।

कैसे: इस बार विपक्ष ने तैयारी की है कि वे महंगाई, बेरोजगारी और प्रयागराज महाकुंभ में हुए हादसे जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे।

उपचुनाव की जीत का असर

हाल ही में मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत के बाद सपा के प्रमुख नेता अखिलेश यादव के आक्रामक तेवर यह संकेत कर रहे हैं कि इस बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है। इस बार के विधानसभा बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत राज्य को बढ़े हुए आवंटन की उम्मीद भी जताई जा रही है, जिसे विपक्ष के द्वारा चुनौती दी जा सकती है।

बजट में किसानों का ध्यान

इस बार प्रदेश के बजट में किसानों के कल्याण के लिए विशेष प्रावधान होगा। सरकार की योजना है कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बजट की मोटी धनराशि का प्रावधान किया जाए। इसके साथ ही, तकनीकी, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा मध्यम वर्ग पर फोकस किए जाने के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि इसका असर प्रदेश के बजट पर भी पड़ेगा।

सदन में सभी को मिलेगा मौका

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा है कि सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात कहने का पूरा अवसर दिया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होता है कि सदन में ठोस चर्चा और संवाद की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाएगा।

क्या है आगे का रास्ता?

इस बार के बजट सत्र में कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसके तहत महंगाई, बेरोजगारी, व रोजगार सृजन पर भारी बहस की उम्मीद है। विशेषकर, विपक्ष ने महंगाई और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने का मन बना लिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

इस सत्र में एक तथ्य यह भी है कि हाल ही में सम्पन्न हुए उपचुनावों के परिणामों ने काफी संवेदनशीलता पैदा की है। इससे सभी राजनीतिक दलों के बीच तकरार की संभावना बढ़ गई है। सरकार की योजनाओं और उनके प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए, विधानमंडल की गतिविधियों पर सभी की नजरें होंगी।

विधानसभा का बजट: जनता की उम्मीदें

इस बार के बजट से प्रदेश की जनता को काफी उम्मीदें हैं। विशेषकर, किसानों, युवाओं और पेंशनधारियों के कल्याण के लिए आवंटन में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। सरकार पर यह जिम्मेदारी है कि वह इन उम्मीदों पर खरा उतरे।

भविष्य की योजनाएँ

विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की योजनाओं और नीतियों पर चर्चा होगी। इसके परिणामस्वरूप, यह देखा जाएगा कि आगामी चुनावों में राजनीतिक दल किस प्रकार की रणनीतियाँ अपनाते हैं।

इस बार का बजट सत्र न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए, सभी की नजरें इस सत्र पर टिकी रहेंगी।

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