2025 के केंद्रीय बजट में मेट्रो परियोजनाओं के लिए 31,239 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन
दिल्ली: केंद्रीय सरकार ने आगामी बजट में मेट्रो और रीजनल रैपिड रेल परियोजनाओं (आरआरटीएस) के लिए 31,239 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन किया है। यह घोषणा दिल्ली और एनसीआर में परिवहन सेवाओं का विस्तार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बजट का उद्देश्य बड़े पैमाने पर शहरीकरण और औद्योगीकरण को बढ़ावा देना है, जिससे एनसीआर के छोटे शहरों से बड़े शहरों में लोगों की आवाजाही को आसान बनाया जा सके।
क्या, कब, कहाँ, क्यों और कैसे?
केंद्रीय बजट 2025-26 के तहत, दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) को मेट्रो के तीन प्रमुख कॉरिडोर पर 65 किलोमीटर का निर्माण कार्य करने का जिम्मा सौंपा गया है। इनमें पिंक और मजेंटा लाइन का विस्तार शामिल है, इसके साथ ही एक नई गोल्डन लाइन का कॉरिडोर भी प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत 45 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगे।
परियोजनाओं की शुरुआत कब होगी? जैसे ही बजट को लागू किया जाएगा, काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। विशेष तौर पर, मेट्रो के विस्तार से अब तक की सेवाओं में तेजी आएगी। इसके साथ ही, इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी परिवहन को विकसित करना और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यातायात की भीड़ को कम करना है।
क्यों यह कदम उठाया गया? कोविड-19 महामारी के बाद, लोगों की परिवहन सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है। निवासियों की ज़रूरतों को देखते हुए, ऐसा कदम उठाया गया है जिससे कि वे बिना किसी रुकावट के शहर में यात्रा कर सकें।
दिल्ली की मेट्रो सेवा को मिलेगी नई रफ्तार
जैसा कि रिपोर्ट में कहा गया है, केंद्र सरकार ने मेट्रो और आरआरटीएस के लिए आवंटित राशि से 2025 तक दिल्ली और एनसीआर में परिवहन प्रणाली को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की योजना बनाई है। इस योजना का उद्देश्य ना केवल दैनिक यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाना है, बल्कि दिल्ली और एनसीआर के बीच में यात्रा की समयावधि को भी कम करना है। यह परियोजनाएं शहरीकरण की प्रक्रिया को गति देंगी और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी।
इस बार, मेट्रो के लिए 31,239 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जबकि आरआरटीएस परियोजना के लिए 2,918 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी है और यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को एक सुलभ और सस्ता परिवहन साधन उपलब्ध हो।
महत्व के बिंदु
इन मेट्रो परियोजनाओं का लाभ सीधे तौर पर दिल्ली के नागरिकों को होगा। यह यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और तेज़ यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, यह दिल्ली-एनसीआर के आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगा। जब मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा, तो इससे छोटे शहरों को भी विकास के नए अवसर मिलेंगे।
देश के अन्य शहरों में भी मेट्रो परियोजनाओं में तेजी आएगी, जिससे पूरे भारत में ट्रांसपोर्टेशन का एक नया युग शुरू होगा। इस बजट में आवंटित राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे।
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दिल्ली मेट्रो और आरआरटीएस परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए[यहां क्लिक करें](https://www.delhimetrorail.com) और आरआरटीएस के विकास के बारे में और जानने के लिए[यहां देखें](https://www.ncrtc.in)।
मेट्रो और आरआरटीएस परियोजनाओं के विस्तृत अध्ययन के अनुसार, केंद्र सरकार के इस कदम से न केवल यात्रा की समयावधि में कमी आएगी, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
दिल्ली और एनसीआर में विकास की इस दिशा में उठाए गए कदम से न केवल परिवहन क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब यह देखना है कि इस बजट का प्रभाव कैसे होता है और आने वाले वर्षों में क्या बदलाव होते हैं।

