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Thursday, January 22, 2026

ओम बिरला ने कांग्रेस सांसदों को फटकारा: ‘आपने वर्षों तक शासन किया, अब आप सांसदों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं’

इंडियाओम बिरला ने कांग्रेस सांसदों को फटकारा: 'आपने वर्षों तक शासन किया, अब आप सांसदों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं'

कांग्रेस सांसदों पर ओम बिरला की कड़ी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने सदन में नारेबाजी कर रहे सांसदों से कहा कि आपकी पार्टी ने देश में लंबे समय तक शासन किया है, और अब आप MPs के हक को छीनने की कोशिश कर रहे हैं। इस विवाद की वजह अदाणी समूह से संबंधित एक मुद्दा था, जिस पर विपक्ष के सदस्य हंगामा कर रहे थे।

ओम बिरला ने सांसदों से अनुरोध किया कि वे नारेबाजी बंद करें और सदन की व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने कहा, “आप प्रश्नकाल के दौरान जानबूझकर गतिरोध पैदा कर रहे हैं, यह परंपरा सही नहीं है।” बिरला का मानना है कि प्रश्नकाल सरकार की जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण समय होता है, और संसद में सदस्यों को अपने अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

### क्या है अदाणी समूह का मामला?

इस हंगामे का मुख्य कारण अदाणी समूह के नवीकरणीय ऊर्जा पार्क से जुड़ा एक विवादित मुद्दा था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने गुजरात में अदाणी समूह के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल में ढील दी है ताकि इस समूह के लिए काम आसान किया जा सके। कांग्रेस का कहना है कि इस कदम से देश की सुरक्षा को खतरे में डाला गया है।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के सांसदों ने सदन में हंगामा किया। ओम बिरला ने इस पर स्पष्ट किया कि सदन में चर्चा का समय बेहद महत्वपूर्ण है और इसे इस तरह से बाधित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “आप मुद्दों को सदन में लाने के बजाय, केवल हंगामा कर रहे हैं।”

### सदन में हंगामे का कारण और ओम बिरला की नाराजगी

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने सदन में नारेबाजी करते हुए यह आरोप लगाया कि सरकार अदाणी समूह को लाभ पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। ओम बिरला ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आपने इतने साल शासन किया है, और अब आप ही सदस्यों के अधिकारों को छीनना चाहते हैं। सदन में व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है।”

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने दोपहर 12 बजे विषय को रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन फिर भी विपक्षी सदस्य चर्चा करने के लिए तैयार नहीं थे।

इस विवाद ने संसद के कार्यक्षेत्र को प्रभावित किया है और इसे लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बवाल नहीं हैं, बल्कि ये देश की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों से भी जुड़े हैं।

### कांग्रेस का आरोप और सरकार का बचाव

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने जानबूझकर अदाणी समूह को लाभ पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को दरकिनार कर दिया है। इस आरोप का जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि सभी कार्य कानून के अनुसार किए गए हैं और किसी भी प्रकार की सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी गई है।

सरकार का कहना है कि अदाणी समूह का नवीकरणीय ऊर्जा पार्क देश के लिए फायदेमंद होगा और यह ऊर्जा उत्पादन में सहायक साबित होगा।

इस पूरे विवाद पर अधिक जानकारियों के लिए आप[यहाँ](https://www.example1.com) पढ़ सकते हैं।

### सदन की स्थिति पर विश्लेषण

सदन में सांसदों के व्यवहार और उनके अधिकारों के हनन का प्रश्न नीति निर्धारण और लोकतंत्र की प्रगति पर गहरा असर डालता है। ऐसे में ओम बिरला की नाराजगी का मुख्य कारण केवल हंगामा नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही की गंभीरता और संवाद की आवश्यकता है।

इस प्रकार के घटनाक्रम इस बात का प्रमाण हैं कि राजनीति कभी-कभी अनियंत्रित हो जाती है, और ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि सभी दल सदन की गरिमा को बनाए रखें।

इस तरह की स्थिति से न केवल सांसदों की जिम्मेदारी बढ़ती है, बल्कि यह उनके कार्यों के प्रति जनता की अपेक्षाओं को भी दर्शाती है। सांसदों को चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें और सदन में सक्रिय रूप से भाग लें, बजाय इसके कि वे केवल हंगामे में शामिल हों।

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