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Wednesday, January 21, 2026

एयरो इंडिया 2025: बंगलूरू में विमानों की गरज, राजनाथ सिंह बोले- यह पराक्रम का महाकुंभ

इंडियाएयरो इंडिया 2025: बंगलूरू में विमानों की गरज, राजनाथ सिंह बोले- यह पराक्रम का महाकुंभ

बंगलूरू में एयरो इंडिया 2025 का धूमधाम से उद्घाटन, नेत्रहीन सुरक्षा का संदेश

बंगलूरू, कर्नाटक: एयरो इंडिया 2025 का 15वां संस्करण येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर धूमधाम से शुरू हो गया है। इस उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि, “सुरक्षा की कमजोरी में कभी शांति नहीं मिल सकती, और हमें अपनी ताकत को बढ़ाना होगा ताकि हम एक बेहतर विश्व व्यवस्था की दिशा में काम कर सकें।”

इस साल की एयरो इंडिया प्रदर्शनी में सुखोई समेत कई अन्य लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन किया गया। येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राजनाथ सिंह ने समारोह को ‘महाकुंभ’ की संज्ञा देते हुए इसे अनुसंधान और विकास का एक प्लेटफॉर्म बताया, जहां भारतीय शक्ति और संभावना के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया।

क्यों है एयरो इंडिया 2025 महत्वपूर्ण?

भारत की बढ़ती सुरक्षा जरूरतों और वैश्विक अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए, यह प्रदर्शनी अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारी सुरक्षा केवल हमारे देश की नहीं, बल्कि एक साझा सुरक्षा की बात है, जो सभी राष्ट्रों के लिए आवश्यक है। आज के समय में, हमें परस्पर सहयोग की आवश्यकता है।”

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि एयरो इंडिया 2025 की थीम, “द रनवे टू ए बिलियन ऑपर्च्युनिटीज”, देश की विशाल जनसंख्या के साथ संबंध रखने वाले अवसरों को स्पष्ट करती है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल तकनीकी विकास के लिए, बल्कि आतिथ्य और शांति के लिए भी एक अनूठा अवसर है।

भारत का बढ़ता रक्षा उद्योग

एयरो इंडिया 2025 में शामिल विभिन्न विमानों और रक्षा तकनीकों ने भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति का भी प्रदर्शन किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि, “भारत ने हमेशा शांति और स्थिरता का समर्थन किया है। हम अपने पड़ोसियों के साथ सहयोग की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।”

इस प्रदर्शनी में विदेशी भागीदारों की उपस्थिति भी इस बात की गवाही देती है कि भारत की रक्षा उद्योग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ रही है। राजनाथ सिंह ने इस संभावित सहयोग का स्वागत किया और कहा कि, “हमारे साझेदार एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य के हमारे दृष्टिकोण को साझा कर रहे हैं।”

नई तकनीकों का प्रदर्शन

एयरो इंडिया 2025 में न केवल लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन किया गया, बल्कि नई तकनीकों और उन्नत रक्षा प्रणालियों का भी प्रदर्शन हुआ। इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना और अन्य रक्षा सेवाओं की क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न प्रदर्शनों का आयोजन किया गया।

उद्घाटन समारोह के दौरान, राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना की क्षमताओं की सराहना की और कहा कि, “हमारे पायलटों की दक्षता और तकनीकी कौशल हमें अपने दुश्मनों पर बढ़त दिलाने में मदद करती है।”

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता

राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि, “वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, हमें एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। भारत ने न केवल अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा का भी एक महत्वपूर्ण भागीदार है।” उन्होंने अन्य देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

यह प्रदर्शनी न केवल दक्षिण एशिया में, बल्कि पूरी दुनिया में सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने का एक मंच है। सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए भारत की नवीनतम तकनीकों को प्रदर्शित करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।

स्थायी शांति और सुरक्षा का संदेश

राजनाथ सिंह ने एयरो इंडिया 2025 के उद्घाटन के दौरान एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि “स्थायी शांति और सुरक्षा केवल तभी संभव है जब हम सभी मिलकर काम करें।” उन्होंने कहा कि, “भारत का इतिहास बताता है कि हमने न तो किसी पर आक्रमण किया है, और न ही हम वैश्विक शक्ति संघर्ष में शामिल हुए हैं।”

अंत में

एयरो इंडिया 2025 एक महत्वपूर्ण घटना है जो न केवल भारत के रक्षा उद्योग को एक नई दिशा देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर सहयोग और समझ को भी बढ़ावा देगी। यह प्रदर्शनी यह दर्शाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है कि भारत एक सक्षम और भरोसेमंद साझेदार है, जो विश्व शांति और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।

आप एयरो इंडिया 2025 के बारे में अधिक जानकारी[यहां](https://www.amarujala.com) पा सकते हैं और इस विषय में विस्तृत जानकारी के लिए[रक्षा मंत्री के पिछले भाषणों का विश्लेषण](https://www.defense.gov) भी देख सकते हैं।

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