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Wednesday, January 21, 2026

अमेरिका की टैरिफ नीति: भारत के निर्यात में कमी का समाधान क्या है?

अर्थव्यवस्थाअमेरिका की टैरिफ नीति: भारत के निर्यात में कमी का समाधान क्या है?

नई दिल्ली: भारतीय निर्यात पर अमेरिका की टैरिफ नीति का अल्पकालिक प्रभाव

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा जारी की गई हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले 15-20 प्रतिशत की टैरिफ का भारतीय निर्यात पर प्रभाव अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के साथ व्यापार में होने वाली कुल गिरावट 3 से 3.5 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है। यह जानकारी भारतीय व्यापार जगत के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो अमेरिका को भारतीय निर्यात का प्रमुख गंतव्य मानता है।

कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?

कौन? – रिपोर्ट में भारतीय स्टेट बैंक के विशेषज्ञों का उल्लेख किया गया है जो भारतीय निर्यात के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

क्या? – अमेरिका की ओर से लगाए जाने वाले टैरिफ का प्रभाव भारतीय निर्यात पर देखने को मिलेगा, लेकिन वह सीमित रहेगा।

कहाँ? – यह प्रभाव मुख्य रूप से भारतीय निर्यात और अमेरिका के व्यापार संबंधों में देखा जाएगा।

कब? – यह स्थिति 2023-24 के वित्तीय वर्ष के दौरान सामने आएगी, जब टैरिफ को लागू किया जाएगा।

क्यों? – अमेरिका की टैरिफ नीति का मुख्य उद्देश्य अपने घरेलू बाजार की सुरक्षा और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है।

कैसे? – भारतीय निर्यातकों के लिए रणनीतिक विविधता, मूल्य वृद्धि और नए व्यापार मार्गों की खोज करने की दिशा में काम करना महत्वपूर्ण होगा।

अमेरिका का निर्यात गंतव्य: महत्वपूर्ण आंकड़े

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारतीय निर्यात का 17.7 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका से है। भारतीय निर्यात की रणनीति अब एकल बाजार पर निर्भरता को कम करने की दिशा में बढ़ रही है। यूरोप, मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में व्यापारिक संबंधों के विकास के साथ, भारत अपनी निर्यात स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उपायों पर ध्यान दे रहा है।

भारतीय टैरिफ नीतियों में परिवर्तन

SBI की रिपोर्ट में यह भी साझा किया गया है कि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत के द्वारा लगाए गए टैरिफ दर 2018 में 11.59 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में 15.30 प्रतिशत हो गए हैं। यह परिवर्तन भारत की व्यापार नीति में अधिक मुखरता को दर्शाता है, जो घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

कच्चे माल से उच्च मूल्य वाले उत्पादों की ओर

भारत अपनी निर्यात रणनीति में कच्चे माल से लेकर तैयार माल और उच्च मूल्य वाले उत्पादों की ओर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। यह रणनीति निर्यात आय को बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने में भी मदद करेगी।

वैकल्पिक व्यापार मार्गों की सक्रियता

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व को जोड़ने वाले वैकल्पिक व्यापार मार्गों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इससे न केवल रसद लागत में कमी आएगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिति भी मजबूत होगी।

समाप्ति: व्यापार नीति में सुधार की दिशा

कुल मिलाकर, यदि अमेरिका उच्च टैरिफ लागू करता है, तो भारत अपनी सक्रिय व्यापार नीतियों, निर्यात विविधीकरण और आपूर्ति श्रृंखला को नया रूप देकर इसके प्रभाव को कम कर सकता है। इस दिशा में उठाए गए कदम भारतीय निर्यात के लिए दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

भारतीय निर्यात की स्थिति और भारत की व्यापार नीतियाँ से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।

अतिरिक्त जानकारी के लिए, आप[The Economic Times](https://economictimes.indiatimes.com/) और[Business Standard](https://www.business-standard.com/) जैसे विश्वसनीय स्रोतों पर इस विषय में पढ़ सकते हैं।

भारत के व्यापार रणनीतियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उचित नीतियों का पालन किया गया, तो भारत निर्यात में स्थिरता और वृद्धि को सुनिश्चित कर सकेगा।

 

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