शीतलहर का प्रभाव: स्कूलों में अवकाश बढ़ाने का निर्णय
यूपी में शीतलहर और घने कोहरे के लगातार असर के कारण, प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है। शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कक्षा आठ तक के विद्यालय 13 जनवरी तक बंद रहेंगे। वहीं, कक्षा नौ से बारह तक की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय के अनुसार, सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक चलेंगी। इस आदेश का कारण शीतलहर के साथ-साथ आगामी मौसम के पूर्वानुमान का ध्यान रखना है, जिसमें ठंड और घने कोहरे की संभावना जताई गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान विद्यालय प्रबंधन पर यह जिम्मेदारी होगी कि वे विद्यार्थियों के लिए ठंड से बचाव के उचित प्रबंध करें। इस निर्णय से छात्र और उनके अभिभावक संतुष्ट हैं, क्योंकि सर्दी के मौसम में स्कूल जाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
शीतलहर का कथन: तापमान में गिरावट और मौसम के बदलाव
शुक्रवार की रात इस सर्दी का सबसे ठंडा दिन था, जब तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। दिन में उठता धूप तापमान में वृद्धि लाने में सहायक रहा, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम और अधिक ठंडा होने की संभावना है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को बूंदाबांदी होने की भी संभावना है।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने भी बताया कि, “शनिवार को न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस था, जबकि अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।” उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में वर्तमान तापमानों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
छुट्टियों का प्रभाव: छात्रों और प्रबंधन की तैयारियां
इस शीतलहर के कारण, स्कूल प्रबंधन को भी इस मौसम के अनुसार तैयारियों में जुटना पड़ा है। छात्रों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए, विद्यालयों में पर्याप्त हीटिंग प्रणाली और गर्म कपड़ों का प्रबंध किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही, विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए, स्कूलों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की जाएगी।
ऐसे समय में, अभिभावकों को भी यह सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें और उनकी सेहत का विशेष ध्यान रखें। शीतलहर के कारण यदि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, तो विद्यार्थियों को स्कूल नहीं भेजने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी: आगे की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड में और बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ ने यह भी बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड का प्रभाव बढ़ सकता है। इसके चलते, जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
आगामी समय में, मौसम में बदलाव आते ही, सरकार और प्रशासन की ओर से उचित निर्णय लिए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।
अभिभावकों और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
शीतलहर और ठंड के मौसम में, अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे उचित गर्म कपड़े पहनें। इसके अलावा, उन्हें गर्म भोजन और पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जानी चाहिए। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, यदि उनकी तबियत खराब महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
इस शीतलहर में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो, इसके लिए कई विद्यालय ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित कर सकते हैं। इस प्रकार, शिक्षा का निरंतर प्रवाह बना रह सकेगा।
अंत में, सही जानकारी और सतर्कता से ही हम इस ठंड के मौसम का सामना कर सकते हैं और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं।

