सपा सांसद डिंपल यादव के विवादास्पद रोड शो पर आचार संहिता उल्लंघन का केस, पुलिस ने दर्ज की FIR
अयोध्या: उत्तर प्रदेश में मिल्कीपुर उपचुनाव के चलते समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव के एक रोड शो को लेकर विवाद बढ़ गया है। थाने के अधिकारियों ने उनके रोड शो के दौरान अनुमति से अधिक वाहनों के इस्तेमाल के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। पुलिस की ओर से इस मामले में अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई का कारण और विवरण
डिंपल यादव, जो कि सपा की एक प्रमुख प्रचारक के रूप में जानी जाती हैं, हाल ही में मिल्कीपुर उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार अजीत प्रसाद के समर्थन में एक रोड शो करने आई थीं। यह शो कुमारगंज से शुरू होकर मिल्कीपुर पेट्रोल पंप तक था, जो लगभग नौ किलोमीटर लंबा था। इस रोड शो में शामिल वाहनों की संख्या ने प्रशासन को चिंतित कर दिया, जिससे व्यवस्था को बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया।
इनायतनगर थाना क्षेत्र में तैनात सब इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह ने तहरीर दाखिल करते हुए कहा कि रोड शो के लिए केवल 85 वाहनों की अनुमति दी गई थी, जबकि शो में शामिल वाहनों की संख्या 300 से अधिक थी। इसमें 150 दो पहिया और 150 चार पहिया वाहनों के साथ कई एसयूवी शामिल थीं। उन्होंने यह भी बताया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी स्वीकृति से अधिक किया गया था, जो चुनाव आयोग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन था।
अधिकारी की शिकायत का विवरण
अधिकारी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 330 ए पर सहुलारा तिराहा पर सपा कार्यकर्ताओं के वाहनों ने दोनों पटरियों को जाम कर दिया, जिससे आम जन जीवन प्रभावित हुआ। रोड शो के लिए केवल एक साइड से अनुमति दी गई थी, लेकिन दोनों दिशाओं में वाहनों की आमद थी। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 223 (ए) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
चुनावी माहौल में गरमी
डिंपल यादव का रोड शो मिल्कीपुर उपचुनाव के दृष्टिगत एक महत्वपूर्ण घटना है। इस इलाके में सपा और अन्य पार्टियों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा चल रही है, और इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल को और भी गरमा देती हैं। इससे पहले भी कई बार चुनावी ्चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं, जो कि पार्टियों के लिए चिंता का विषय बनते हैं।
निष्कर्ष
यह घटनाक्रम चुनावी प्रक्रिया में अनुशासन और शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग और पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई करने से यह उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में इस तरह के उल्लंघन कम होंगे। सपा सांसद डिंपल यादव के समर्थकों में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश का माहौल है, लेकिन दूसरी ओर प्रशासन की ओर से इस मामले में कार्रवाई भी चुनावी निष्पक्षता के लिए जरूरी है।
अंत में, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना मिल्कीपुर उपचुनाव की हार-जीत पर क्या असर डालती है।

