पटना में मंत्री संतोष सिंह को मिली जान से मारने की धमकी: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर मांगी गई 30 लाख रुपये की रंगदारी
पटना: बिहार के श्रम मंत्री संतोष सिंह को एक अनजान कॉलर द्वारा जान से मारने की धमकी मिली है। इस कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई बताते हुए मंत्री से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। धमकी देने वाले बदमाश ने स्पष्ट कहा, “अगर तुमने पैसे नहीं दिए तो तुम्हारा हाल भी बाबा सिद्दकी जैसा होगा।” इस गंभीर घटना के बाद मंत्री ने तुरंत डीजीपी से शिकायत की, जिसके बाद जांच और आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए।
क्या हुआ, कब हुआ, और क्यों हुआ?
किसने धमकी दी? – धमकी देने वाला व्यक्ति खुद को लॉरेंस बिश्नोई बताता है, जो पहले से ही एक कुख्यात गैंगस्टर है और जेल में बंद है।
क्या धमकी दी गई? – मंत्री संतोष सिंह से कहा गया कि उन्हें 30 लाख रुपये की रकम तुरंत भेजनी होगी। नहीं तो उन्हें जान से मारने की चेतावनी दी गई।
कहाँ धमकी दी गई? – यह घटना पटना में हुई, जब मंत्री संतोष सिंह अपने कामकाज में लगे हुए थे।
कब धमकी दी गई? – दुपहर के समय मंत्री को अनजान नंबर से कॉल आया।
क्यों धमकी दी गई? – मंत्री द्वारा रंगदारी की रकम नहीं देने की स्थिति में जान से मारने की धमकी दी गई।
कैसे धमकी दी गई? – कॉल के माध्यम से शुरू हुई बातचीत में धमकी देने वाले ने मंत्री का गाड़ी नंबर 00011 भी बताया और कहा कि वो उन्हें जहाँ भी पाएगा, वहाँ मार देगा।
मंत्री संतोष सिंह की प्रतिक्रिया
मंत्री संतोष सिंह ने धमकी मिलने के बाद कहा, “मैं किसी से डरता नहीं हूँ, और मैं कोई पैसा नहीं दूंगा।” उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अनजान नंबर से कॉल किया, तो पहले तो कॉल कट गई, लेकिन फिर उन्होंने पुनः कॉल किया, तब बदमाश ने धमकी देते हुए कहा कि वे उसे सोने नहीं देंगे।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने तुरंत बिहार के डीजीपी विनय कुमार को इस मामले की जानकारी दी। डीजीपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, कोतवाली डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा कि इस मामले में सभी तथ्यों को एकत्रित किया जा रहा है और यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धमकी देने वाले का इरादा
धमकी देने वाले ने सिर्फ पैसों की मांग नहीं की, बल्कि यह भी कहा कि यदि पैसा नहीं दिया गया, तो खतरनाक परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा, “जहाँ भी रहोगे, वहीं पर तुम्हें मार दूंगा।” यह स्थिति न केवल मंत्री के लिए बल्कि राज्य के लिए भी चिंताजनक है, खासकर जब मंत्री स्वयं ऐसा कह रहे हैं कि वे किसी भी प्रकार के डर से मुक्त हैं।
बिहार सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है। क्या मंत्री जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी सुरक्षा नहीं मिलती? क्या अपराधी बेखौफ होकर मंत्री को धमकी दे सकते हैं? इन सवालों का जवाब जानना जरूरी है। बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
लोकल पुलिस की कार्रवाई
इस मामले को लेकर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच प्रारंभ कर दी है। स्थानीय पुलिस ने कहा है कि सभी तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है और कॉल के ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस मामले को सुलझा पाती है।
समाज में व्याप्त अपराध का प्रभाव
अपराध का यह बढ़ता ग्राफ केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। जब मंत्री भी इस स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का सवाल और भी गंभीर हो जाता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि इसे गंभीरता से लेना चाहिए और सरकार को चाहिए कि वह मंत्री और अन्य नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
भविष्य की ओर क्या कदम उठाए जाएंगे?
बिहार सरकार को प्रस्तावित सुरक्षा उपायों पर विचार करने की आवश्यकता है। क्या मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त किया जाएगा? क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे?

