पटना में बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा को लेकर उच्च न्यायालय में सुनवाई, प्रशांत किशोर ने खत्म किया अनशन
पटना में आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम घटित हो रहा है। जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर आज अपना अनशन तोड़ने जा रहे हैं। यह अनशन उन्होंने 2 जनवरी से शुरू किया था, जिसका उद्देश्य बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग करना था। प्रशांत किशोर का यह कदम युवा रोजगार के मुद्दे को लेकर उनके आक्रोश का प्रतीक है। इस अनशन के दौरान, उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें ICU में भर्ती भी किया गया था, लेकिन अब उनकी तबीयत ठीक है।
क्या, कौन, कब, कहां, क्यों और कैसे
क्या: प्रशांत किशोर आज अपना अनशन समाप्त करने जा रहे हैं।
कौन: यह कदम प्रशांत किशोर, जो कि जनसुराज के प्रमुख हैं, कर रहे हैं।
कब: उनका अनशन 2 जनवरी को शुरू हुआ था और आज (16 जनवरी) को समाप्त होगा।
कहां: अनशन समाप्त करने का स्थान पटना के एलसीटी घाट स्थित जनसुराज आश्रम है।
क्यों: प्रशांत किशोर ने अपने अनशन के माध्यम से युवाओं की आवाज को उठाया और बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा के परिणामों को रद्द करने की मांग की।
कैसे: प्रशांत किशोर का अनशन युवाओं और जनसुराज परिवार के सम्मान में समाप्त हो रहा है, और वे इसके बाद सत्याग्रह के अगले चरण की घोषणा करेंगे।
पटना हाईकोर्ट में सुनवाई
बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द करने के लिए दायर याचिका की सुनवाई आज पटना हाईकोर्ट में होने जा रही है। जनसुराज के वकील प्रणव कुमार ने इस मामले में आर्टिकल 226 के तहत याचिका दायर करते हुए कहा है कि जब तक दुबारा परीक्षा नहीं हो जाती, तब तक 70वीं पीटी के परिणाम को जारी नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले में वरिष्ठ वकील वाईवी गिरि अदालत में दलील पेश करेंगे।
इतना ही नहीं, इस याचिका में यह भी दावा किया गया है कि बिहार में इस परीक्षा को लेकर कई विवाद उत्पन्न हुए हैं और समाज में अस्थिरता का माहौल बना है। साथ ही, प्रशांत किशोर के अनशन के बाद युवाओं में इस मुद्दे को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
इससे पहले, 13 दिसंबर को ली गई 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसके मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला पटना हाईकोर्ट का है, और याचिकाकर्ता को वहीं अपनी अपील दायर करनी चाहिए।
प्रशांत किशोर की तबीयत
प्रशांत किशोर का अनशन उनकी सेहत पर असर डाल रहा था, जिसके कारण उन्हें ICU में भर्ती कराना पड़ा था। अब, जब उनकी तबीयत में सुधार हुआ है, तो वे अपने अनशन को समाप्त करने का निर्णय ले रहे हैं। जनसुराज की ओर से बताया गया है कि वे युवाओं और उनके परिवार के सम्मान में यह कदम उठा रहे हैं।
बीपीएससी परीक्षा का मामला
बीपीएससी द्वारा आयोजित 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने राज्य में राजनीतिक हलचल को जन्म दे दिया है। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने इस परीक्षा को रद्द करने की मांग करते हुए अपनी मुहिम तेज कर दी है। साथ ही, उन्होंने यह भी साफ किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे इसके खिलाफ और भी अधिक आंदोलन करेंगे।
यह मामला केवल परीक्षा से संबंधित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य के युवाओं की भविष्य और उनके रोजगार से संबंधित है। इससे पहले भी प्रशांत किशोर ने कई बार युवाओं के हित में आवाज उठाई है, और इस बार भी वह अपनी आवाज को और ऊँचाई देने के लिए तैयार हैं।
आगे की योजना
प्रशांत किशोर आज अपने अनशन के समाप्त होने के बाद सत्याग्रह के दूसरे चरण की घोषणा करने जा रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अगले कदम में क्या रणनीति अपनाते हैं। जनसुराज की नीति और दिशा क्या होगी, यह भी महत्वपूर्ण होगा, खासकर जब वे युवा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
यह पूरी घटना बिहार की राजनीति में एक नए मोड़ का संकेत दे सकती है, जहां युवा वर्ग अब अपने अधिकारों के लिए और अधिक सशक्त होता दिखाई दे रहा है।
समाज की प्रतिक्रियाएं
जैसे-जैसे यह मामला बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे समाज के विभिन्न हिस्सों से प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कई लोग प्रशांत किशोर के अनशन को सही मानते हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक ड्रामा के रूप में देखते हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि बिहार का युवा वर्ग अपने भविष्य के लिए लड़ने के लिए तैयार है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
अधिक जानकारी के लिए आप[एनडीटीवी](http://www.ndtv.com/) और[द हिंदू](http://www.thehindu.com/) जैसी विश्वसनीय वेबसाइट्स पर भी जा सकते हैं।
आगे बढ़ते हुए, बिहार के युवा अब यह सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं कि उनकी आवाज सुनी जाए, और उनके हक की लड़ाई जारी रहे। यह समय है एकजुट होने का और अपने अधिकारों के लिए खड़े होने का।

