दिल्ली में चुनावी सरगर्मियों के बीच आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में ‘अनब्रेकेबल’ नामक एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। यह डॉक्यूमेंट्री मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी और जेल जाने की घटनाओं पर आधारित है।
क्या है मामला?
दिल्ली के पूर्व मंत्री और ‘आप’ के उम्मीदवार सत्येंद्र जैन ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग केवल पत्रकारों के लिए आयोजित की गई थी और इस पर अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। जैन ने कहा, “यह कोई सार्वजनिक कार्यक्रम या वोट की अपील नहीं थी। यह सिर्फ पत्रकारों के लिए एक स्क्रीनिंग थी। इससे पहले किसी भी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।”
दूसरी ओर, कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने कहा कि किसी भी प्रकार के चुनावी प्रचार सामग्री को चुनाव आयोग से पारित करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “अगर यह डॉक्यूमेंट्री चुनाव में दिखाई जाती है, तो इसे पहले चुनाव आयोग से स्वीकृति लेनी चाहिए।”
दिल्ली पुलिस की भूमिका
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डॉक्यूमेंट्री दिखाने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी और इसलिए इसे दिखाना दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों को नियमों का पालन करना आवश्यक है।” उनका कहना था कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है।
आप के प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा इस डॉक्यूमेंट्री से डर गई है। उन्होंने कहा, “भाजपा पूरी दिल्ली में पैसे, साड़ी और जूते बांट रही है, लेकिन चुनाव आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।” भारद्वाज ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस डॉक्यूमेंट्री को आम जनता के सामने लाने के लिए तैयार है, चाहे उन्हें इसे कहीं भी दिखाना पड़े।
केजरीवाल की टिप्पणी
आप के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “भाजपा इस डॉक्यूमेंट्री से बुरी तरह से डरी हुई है। आखिरकार, इसे दिखाने से रोकने में उनकी क्या दिलचस्पी है?” उनके अनुसार, यह डॉक्यूमेंट्री भाजपा सरकार के गैर कानूनी और गैर संवैधानिक कार्यों को उजागर करती है।
कांग्रेस का बयान
कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि आम आदमी पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन करने से दिल्ली की जनता को नुकसान हुआ है। माकन का मानना है कि भाजपा ने 2014 और 2024 में आप के साथ मिलकर चुनावों में लाभ उठाया है। उन्होंने कहा, “जब शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थीं, तब कांग्रेस दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटें जीती थी, लेकिन अब भाजपा ने उनकी जगह ले ली है।”
आगे की रणनीति
अब दिल्ली की राजनीति में इस विवाद को लेकर बहस छिड़ गई है। आम आदमी पार्टी अब इस डॉक्यूमेंट्री को जनता के सामने लाने का प्रयास करेगी, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी तरह की रणनीति अपनानी पड़े।
यह घटना उस समय हो रही है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।
भाजपा और आप के बीच इस नये विवाद ने आगामी चुनावों को और भी दिलचस्प बना दिया है। दोनों दलों के नेताओं के बयानों के बीच अब देखने वाली बात यह होगी कि यह मामला चुनावी मौसम में किस दिशा में आगे बढ़ता है।
इस घटनाक्रम ने निश्चित रूप से दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी है और सभी पार्टियों को अपने-अपने तर्कों के साथ जनता के सामने आने के लिए प्रेरित किया है।

