नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर चुनावी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। राजनैतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। आज नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है, और राजधानी में मतदान की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। चुनावी माहौल में, स्वाति मालीवाल, राज्यसभा सांसद, ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को झुग्गियों में आने का खुला निमंत्रण दिया है। उनका कहना है कि दिल्ली की स्थिति पहले कभी इतनी खराब नहीं थी।
चुनाव का माहौल:
दिल्ली में विधानसभा चुनावों के लिए 1522 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं, जिनमें से 1045 स्वीकार किए गए हैं, जबकि 477 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं। चुनावी अभियान में सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ जुटे हुए हैं। मतदान की तिथि 5 फरवरी है, और परिणामों की गिनती 8 फरवरी को होगी। ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए कदम और राजनीतिक गतिविधियों की अहमियत बढ़ गई है।
स्वाति मालीवाल का बयान:
स्वाति मालीवाल ने कहा कि “दिल्ली की हालत पहले कभी इतनी खराब नहीं रही। सड़कें टूटी हुई हैं, सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं, हर जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और लोगों को दूषित पानी मिल रहा है।” उन्होंने यह भी कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित करती हूँ कि वे मेरे साथ झुग्गियों में आएं, न कि केवल उन जगहों पर जाएं जहां उनके समर्थक हैं।” उनका यह बयान राजधानी की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है।
भाजपा की प्रतिक्रिया:
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी इस संदर्भ में अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जो तीन बार सीएम बन चुके हैं, अभी भी गरीबों को आवास मुहैया कराने में बाधा डाल रहे हैं।” उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने नरेला के घोगा भवन में 50,000 से अधिक फ्लैटों का निर्माण किया है, लेकिन केजरीवाल इस अवसर का लाभ गरीबों को नहीं लेने दे रहे।”
राहुल गांधी का कथन:
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भी हाल ही में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान को तोड़ने का काम कर रही है और राहुल गांधी इस पर अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। उनका यह बयान विपक्ष की ओर से हो रही आवाज़ उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
आगे की रणनीतियां:
दिल्ली में चुनावी रणनीतियों के बीच, कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने बताया कि राहुल गांधी की पदयात्रा 26 जनवरी के बाद आयोजित की जाएगी। उन्होंने आगे कहा, “हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि अन्य दल अपने बनाए मुद्दों पर आपस में लड़ रहे हैं।”
चुनावी जोड़:
दिल्ली में विधानसभा चुनाव में इस बार विभिन्न मुद्दों को लेकर सियासी जोड़-तोड़ जारी है। सभी दल अपने-अपने मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। स्वाति मालीवाल ने जिस तरह से केजरीवाल को चुनौती दी है, उससे आम आदमी पार्टी के सामने एक नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
दिल्ली में ऐसे कई मुद्दे हैं जो चुनावी मैदान में उठाए जा सकते हैं। स्वाति मालीवाल की बातों से साफ है कि जनता को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना अभी भी एक प्रमुख मुद्दा है।
अवसर की प्रतीक्षा:
अब देखना यह है कि केजरीवाल इस चुनौती का कैसे सामना करेंगे और क्या वे स्वाति के निमंत्रण का जवाब देंगे। चुनावों के नजदीक आते ही, जब जनता की नजरें नेताओं पर होंगी, तब यह महत्वपूर्ण होगा कि कौन सा दल अपनी बातों को धरातल पर उतारता है।
इस चुनावी सीजन में सभी राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नजर रखें और अपने मताधिकार का सही उपयोग करें। यह न केवल आपके भविष्य के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

