25.1 C
Delhi
Thursday, January 22, 2026

अमृतसर में बाबा साहब की प्रतिमा के साथ अभद्रता: दलित समाज का जोरदार विरोध

इंडियाअमृतसर में बाबा साहब की प्रतिमा के साथ अभद्रता: दलित समाज का जोरदार विरोध

विरोध की लहर: दलित समुदाय ने सड़कों पर उतरा, अमृतसर बंद

चंडीगढ़ से खबर – देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से अभद्रता का मामला सामने आया है, जिसने पंजाब में हलचल मचा दी है। गणतंत्र दिवस के दिन 26 जनवरी 2025 को अमृतसर की हेरिटेज स्ट्रीट पर एक अज्ञात व्यक्ति ने बाबा साहब की प्रतिमा को तोड़ने का प्रयास किया और उस समय वहां रखे संविधान को भी आग के हवाले कर दिया। इस शर्मनाक घटना के खिलाफ आज अमृतसर में व्यापारिक गतिविधियों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, फगवाड़ा में भी दलित समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया है।

कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे

कौन: यह घटना डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने हुई, जहां दलित समुदाय के लोग और आम जनता शामिल थे।

क्या: गणतंत्र दिवस पर एक शरारती तत्व ने अंबेडकर की प्रतिमा के साथ अभद्रता करते हुए उसे तोड़ने का प्रयास किया और संविधान को आग लगा दी।

कहाँ: यह घटना अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट में हुई।

कब: घटना 26 जनवरी 2025 को हुई, जब पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था।

क्यों: दलित समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने के लिए यह कार्य किया गया, जिसके खिलाफ अमृतसर और फगवाड़ा में विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

कैसे: इस घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय जनता और दलित समाज ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।

दलित समुदाय का विरोध

फगवाड़ा में दलित समाज के लोगों ने गुस्से में आकर हाईवे पर धरना दिया और सड़क जाम कर दी। स्थानीय पुलिस की टीम, जिसमें एसपी रुपिंदर कौर भट्टी भी शामिल थीं, मौके पर पहुंचीं और धरना दे रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। धरने की अगुवाई दलित नेता यश बरना कर रहे थे। उन्होंने एसपी को एक मांग पत्र सौंपा जिसमें आरोपी के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।

इस घटना के बाद, सोमवार सुबह अमृतसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा को धोकर उस पर फूल चढ़ाए। इस देखने लायक दृश्य ने दलित समुदाय के लोगों के बीच एक नई ऊर्जा भर दी और उन्होंने पुनः अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना न केवल प्रजातंत्र के लिए अपमान है, बल्कि यह कानून और व्यवस्था का भी मसला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना एक पुलिस स्टेशन के सामने हुई और प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मांग की कि वे इस घटना के लिए माफी मांगें और पार्टी में अपने पद से इस्तीफा दें।

समुदाय का एकजुटता

इस घटना ने अमृतसर और फगवाड़ा में दलित समुदाय के लोगों के बीच एकजुटता को और बढ़ा दिया है। विभिन्न संगठनों ने मिलकर इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया है और आगामी दिनों में और भी बड़े विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई जा रही है।

निष्कर्ष के बिना एक मर्मस्पर्शी आह्वान

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि समाज में अभी भी कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर का संघर्ष और उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है। दलित समुदाय ने यह दिखा दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles