वैश्विक संघर्ष का साया: 2025 का युद्ध परिदृश्य
2024 का वर्ष संघर्षों से भरा रहा, जिसमें दुनिया भर में कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं। अब जब हम 2025 में कदम रख रहे हैं, तो सभी की नजर इन संघर्षों के भविष्य पर है। विशेष रूप से यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे संकट पर। इनमें यूक्रेन से लेकर गाजा और सीरिया तक के मुद्दे शामिल हैं। 2024 में संघर्षों में बढ़ोतरी के चलते, यह महत्वपूर्ण है कि हम जानें कि भविष्य में क्या हो सकता है और क्या युद्ध रुकने की संभावनाएं हैं।
कौन, क्या, कहाँ, कब, और क्यों: संघर्ष का मूल कारण
संघर्षों के इस जंगली समुद्र में, सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि ये संघर्ष क्यों हो रहे हैं। यूक्रेन में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध, गाजा में हमास और इस्राइल के बीच संघर्ष, और सीरिया में जारी गृह युद्ध के पीछे राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक कारण हैं। 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण ने इस संघर्ष को बढ़ा दिया, जबकि गाजा में हमास का इस्राइल पर हमला एक नई खूनी जंग की शुरुआत साबित हुआ।
2024 में, हमास द्वारा इस्राइल पर हमला हुआ, जिसके परिणामस्वरूप कई निर्दोष लोगों की जान गई और गाजा में विनाशकारी स्थितियाँ पैदा हुईं। वहीं, सीरिया में विद्रोही समूहों ने एक बार फिर से सिर उठाया, जिसके कारण राष्ट्रपति बशर अल-असद को देश छोड़ना पड़ा।
संघर्षों की संख्या और प्रभाव
‘आर्म्ड कनफ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डाटा’ संस्था के अनुसार, 2024 में विभिन्न संघर्षों में 2,33,000 से अधिक लोग मारे गए, जिससे यह स्पष्ट है कि युद्ध की स्थिति कितनी संकटमय हो चुकी है। गाजा, यूक्रेन, और अन्य क्षेत्रों में संघर्ष ने विश्व समुदाय को चिंतित कर दिया है। अब सभी की नजर 2025 पर है, यह जानने के लिए कि क्या ये संघर्ष समाप्त होंगे या नहीं।
यूक्रेन-रूस युद्ध का भविष्य
यदि हम यूक्रेन-रूस युद्ध की बात करें, तो यह फरवरी 2022 से चल रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य अभियान शुरू किया और इसके बाद से संघर्ष का स्तर बढ़ता गया। यूक्रेन ने इस हमले का मजबूती से जवाब दिया, लेकिन इसके परिणामस्वरूप भारी जनहानियाँ हुईं।
नव-निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कुछ कदम उठाने की इच्छा जताई है। ट्रंप की नीति और उनके अमेरिका में शीर्ष नेतृत्व के साथ संबंध इस संघर्ष के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गाजा में संघर्ष और इसका परिणाम
गाजा में, हमास द्वारा किए गए हमले के बाद से स्थिति काबू से बाहर हो गई है। इस हमले ने इस्राइल को पलटवार करने के लिए मजबूर किया, और इसके परिणामस्वरूप व्यापक मानवता संकट उत्पन्न हुआ। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने माना है कि गाजा की स्थिति बदल गई है, और हमास कमजोर हो चुका है।
युद्ध विराम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे पदभार ग्रहण करने से पहले गाजा में युद्ध विराम देखना चाहते हैं।
सीरिया में राजनीतिक संकट
सीरिया का संकट भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। नवंबर-दिसंबर 2024 में विद्रोही समूहों ने एक बार फिर से सक्रियता दिखाई, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति बशर अल-असद को देश छोड़ना पड़ा। सीरिया में नए कार्यवाहक प्रशासन का गठन हुआ है, और अब दुनिया की नजर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की प्रक्रिया पर है।
संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया में असद सरकार के जाने के बाद चुनावों की आवश्यकता को भी जोर दिया है।
म्यांमार में संघर्ष की स्थिति
म्यांमार हाल के वर्षों में व्यापक संघर्ष का गवाह रहा है, खासकर 2021 के तख्तापलट के बाद। यहां सेना और विभिन्न समूहों के बीच भयंकर संघर्ष जारी है। हाल ही में, म्यांमार की सैन्य सरकार ने चुनाव कराने की योजना बनाई है, जिससे नागरिकों को उम्मीद है कि स्थिति में बदलाव आएगा।
क्या 2025 में संघर्षों का अंत होगा?
इन सभी तथ्यों के साथ, यह अनुमान लगाना कठिन है कि 2025 में युद्ध रुकेंगे या नहीं। अमेरिका, विशेषकर ट्रंप की नेतृत्व में क्या बदलाव आएगा, यह एक दीर्घकालिक मुद्दा है। वर्तमान में, संघर्षों का समाधान कई देशों की राजनीतिक इच्छाशक्ति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करेगा।
संक्षेप में, 2025 में वैश्विक संघर्षों पर चर्चा करना आवश्यक है, जिससे हम यह समझ सकें कि यह स्थिति किस दिशा में जा रही है और भविष्य में क्या होने की संभावना है।

