सीतापुर में कांग्रेस सांसद राकेश राठौर पर लगे गंभीर आरोप, पत्नी ने खुलकर किया बचाव
यूपी के सीतापुर से कांग्रेस के सांसद राकेश राठौर पर एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद सांसद की पत्नी नीलम राठौर ने पहली बार अपने पति का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं और उन्हें अपने पति पर पूरा भरोसा है। नीलम ने यह भी कहा कि वे न्याय के लिए कोर्ट से उम्मीद कर रही हैं।
क्या हुआ, क्यों हुआ, कब हुआ?
संसद सदस्य राकेश राठौर पर लगे आरोपों के अनुसार, एक युवती ने उन पर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, घटना सीतापुर जिले में हुई, और यह जानकारी बुधवार को मीडिया में आई। सांसद की पत्नी नीलम राठौर ने कहा कि यह समय उनके लिए बहुत कठिन है, लेकिन वह अपने पति के बारे में किसी भी तरह के नकारात्मक आरोपों को खारिज करती हैं। उन्होंने कहा, “जो आरोप मेरे पति पर लगाये गए हैं, वे सभी निराधार हैं। मुझे अपने पति पर पूरा भरोसा है।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली के अनूप शुक्ला ने सांसद के घर जाकर उन्हें नोटिस तामील कराया था, जिससे सांसद से बयान दर्ज कराए जा सकें। पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है और समस्त साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है।
कौन हैं राकेश राठौर?
कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने 2019 के आम चुनाव में सीतापुर से जीत हासिल की थी। वे पार्टी के युवा नेता माने जाते हैं और उनके क्षेत्र में कई विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं। राकेश राठौर के बारे में जानकारी देते हुए उनकी पत्नी नीलम ने कहा कि वे हमेशा लोगों की मदद करते हैं और उनके ऊपर लगे आरोपों का कोई आधार नहीं है।
समाज में चर्चा
इस मामले ने न केवल सीतापुर, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ स्थानीय नेताओं का कहना है कि ऐसे आरोप राजनीति का एक हिस्सा हो सकते हैं, जबकि अन्य इसे गंभीरता से लेते हुए जांच की मांग कर रहे हैं।
क्या कहती है नीलम राठौर?
नीलम राठौर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हर किसी को मेरा पति के प्रति विश्वास रखना चाहिए। यह एक कठिन समय है, लेकिन हम न्याय के लिए कोर्ट पर भरोसा कर रहे हैं। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि सच्चाई सामने आए।”
साक्ष्य और जांच
इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस ने यौन उत्पीड़न के संबंध में सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है। पीड़िता के बयान के बाद, पुलिस ने सांसद के आवास से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
स्थानीय नेताओं ने सांसद के पक्ष में खड़े होते हुए कहा कि यह एक साजिश भी हो सकती है। कुछ ने बताया कि राकेश राठौर का काम उनकी पहचान है और उनके समर्थन में स्थानीय लोग भी खड़े हैं। ऐसे आरोपों के पीछे की वास्तविकता को जानने के लिए सभी को धैर्य रखना चाहिए।
समर्थन और राजनीतिक स्थिति
इस विवाद के बीच, कांग्रेस पार्टी के कुछ अन्य नेता भी राकेश राठौर के समर्थन में खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह का पूर्वाग्रह नहीं बनाया जाना चाहिए। इस प्रकार के विवाद आमतौर पर राजनीतिक खेल का हिस्सा होते हैं, जिसका लाभ विरोधी partijen उठाते हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सांसद राकेश राठौर ने भी अपने समर्थकों से अपील की है कि वे इस समय में संयम बनाए रखें और कोर्ट पर भरोसा रखें। इस मामले की गभीरता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि पुलिस और न्यायपालिका दोनों इस मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करेंगे।
अंतिम विचार
सीतापुर के इस मामले ने न केवल राजनीतिक हलचलों को जन्म दिया है, बल्कि समाज में इस प्रकार के आरोपों और उनके प्रभाव पर भी विचार करने की आवश्यकता को उजागर किया है। यह मामला दर्शाता है कि राजनीति में कभी-कभी व्यक्तिगत भावना और सच्चाई का सामना करना एक चुनौती बन सकता है। नीलम राठौर के बयान ने एक तरफ जहां उनके पति का समर्थन किया है, वहीं दूसरी तरफ यह भी दर्शाया है कि वे कानूनी प्रक्रिया में न्याय की उम्मीद कर रही हैं।

