खेल जगत के चमकते सितारे: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित चार खिलाड़ी
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार को एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खेल पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और अन्य वरिष्ठ मंत्री भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने खेल रत्न पुरस्कार से चार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नवाज़ा, जिनमें मनु भाकर, डी गुकेश, हरमनप्रीत सिंह, और प्रवीण कुमार शामिल हैं। इन चारों खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में अपने अद्वितीय प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है।
राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार वितरण समारोह की अंशदायी जानकारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि “खेल केवल एक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल फिटनेस बढ़ाता है, बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी सशक्त बनाता है।” राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को अपने संघर्ष और समर्पण की कहानी साझा करने के लिए प्रेरित किया।
कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?
कौन: पुरस्कारों के विजेताओं में मनु भाकर, गुकेश, हरमनप्रीत सिंह और प्रवीण कुमार शामिल हैं, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से खेल की दुनिया में धूम मचाई है।
क्या: इनमें से मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीते हैं, गुकेश ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप में सफलता पाई, हरमनप्रीत ने हॉकी में अपनी कप्तानी में भारत को कांस्य पदक दिलवाया, और प्रवीण कुमार ने पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता।
कहाँ: यह पुरस्कार समारोह राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
कब: पुरस्कार समारोह 17 जनवरी 2025 को संपन्न हुआ।
क्यों: यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को निस्वार्थ और कठिन परिश्रम के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपनी खेल विधाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
कैसे: राष्ट्रपति द्वारा सभी पुरस्कार विजेताओं को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया, जिसमें उन्हें प्रमाण पत्र और सम्मान के प्रतीक के रूप में ट्रॉफी प्रदान की गई।
मनु भाकर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “मैं अपने देश के लिए यह सफलता प्राप्त करके गर्व अनुभव कर रही हूँ। यह पुरस्कार मेरे लिए एक नई प्रेरणा है।” गुकेश ने भी कहा कि “यह पुरस्कार मुझे और भी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।”
खेल रत्न पुरस्कार: एक महत्वपूर्ण मान्यता
खेल रत्न पुरस्कार, जो कि भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार है, उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने खेल में उत्कृष्टता साबित की है। इस साल, मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में प्रदर्शन करके भारत की सबसे युवा खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया। गुकेश ने अपनी शतरंज कौशल से यह पुरस्कार जीते हुए सबसे युवा विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी बनाया है।
हरमनप्रीत सिंह ने अपने नेतृत्व में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को लगातार दो ओलंपिक में कांस्य पदक दिलवाने का कार्य किया, जो कि एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। प्रवीण कुमार ने पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया कि शारीरिक सीमाएँ किसी प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं।
अर्जुन पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में 34 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सूची में कई बड़े नाम शामिल थे, जिनमें एथलीट सुचा सिंह और पैरा तैराक मुरलीकांत राजाराम पेटकर को लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा गया। इसके अलावा, बेहतर कोचिंग देने के लिए 5 लोगों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया, जिसमें बैडमिंटन कोच एस मुरलीधरन और फुटबॉल कोच अरमांडो एगनेलो कोलाको का नाम शामिल है।
भारत के खेल क्षेत्र में इन पुरस्कारों का महत्व
ये पुरस्कार भारत में खेल और खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और समर्पण को दर्शाते हैं। ऐसे समय में जब खेलों में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, इन पुरस्कारों से खिलाड़ियों को अपनी मेहनत और प्रयासों की पहचान मिलती है। यह न केवल उन्हें प्रेरित करता है, बल्कि नए खिलाड़ियों के लिए भी एक मार्ग प्रशस्त करता है।
समारोह का विशेष आकर्षण
समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि “आपके प्रयासों से देश का नाम रोशन होता है। आप भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।” खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे पुरस्कार उन्हें आगे बढ़ने के लिए मजबूर करते हैं और यह कि वे अपने देश को और भी गर्वित करने का प्रयास करेंगे।
यही कारण है कि खेल पुरस्कार समारोह को न केवल एक सम्मान समारोह के रूप में देखा जाता है, बल्कि यह भारत के खेल क्षेत्र के विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे नया उत्साह और ऊर्जा मिलती है।

