संजू सैमसन की निरंतरता की चिंता!
नयी दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन के प्रदर्शन ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हाल ही में सैमसन ने पिछले 12 टी20 मैचों में तो तीन शानदार शतकीय पारियां खेली हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी नजर आ रही है। उनकी छह पारियों में उन्होंने पाँच या उससे अधिक रन बनाने में सफल नहीं हो पाए हैं, जिसमें चार बार वह बिना कोई रन बनाए ही आउट हुए।
कौन, क्या, कहां, कब, क्यों और कैसे?
संजी सैमसन, जो भारत के प्रमुख बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं, को इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इस सीरीज में उन्होंने अब तक तीन मैचों में केवल 34 रन बनाये हैं। उनके स्कोर 3, 5 और 26 के हैं, जो किसी भी बल्लेबाज की उम्मीदों से काफी कम हैं। श्रृंखला शुरू होने से पहले, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन पर पूरा भरोसा जताया था, लेकिन यह प्रदर्शन उनकी स्थिति को और जटिल बना रहा है।
सैमसन का यह फॉर्म, पिछले टी20 विश्व कप 2024 में भारत की जीत के बाद से देखा गया है। उन्होंने अब तक 12 टी20 पारियों में तीन शतक बनाये हैं लेकिन साथ ही वो छह बार 5+ रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या सैमसन की भूमिका टीम में स्थायी रहेगी?
क्या है संजू सैमसन की स्थिति?
संजू सैमसन ने 2015 में भारत के लिए टी20 क्रिकेट में डेब्यू किया था और अब तक उन्होंने केवल 40 टी20 मैच खेले हैं। उनकी बल्लेबाजी औसत 26.38 है और स्ट्राइक रेट 152.07 है। उनके नाम पर तीन शतक और दो अर्धशतक हैं। हालांकि, उनकी यह संख्याएं निरंतरता की कमी को दर्शाती हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में उनका प्रदर्शन उनकी प्रतिभा को सही तरीके से दर्शाने में असफल रहा है।
सैमसन की पिछली कुछ पारियां
इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में उनकी पारियाँ आशाजनक नहीं रही हैं। पहले मैच में 26 रन, दूसरे में 5 और तीसरे में केवल 3 रन बनाकर वह टीम की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। श्रृंखला के बाद, भारत ने पहले मैच में सात विकेट से और दूसरे मैच में दो विकेट से जीत प्राप्त की थी। लेकिन तीसरे मैच में उन्हें 26 रनों से हार का सामना करना पड़ा।
इसके आलावा, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी सैमसन का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पहले मैच में उन्होंने 107 रन बनाये लेकिन उसके बाद दो मैचों में वो खाता तक नहीं खोल सके। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या सैमसन को उनके प्रदर्शन के आधार पर और मौके दिए जाएंगे या फिर किसी और को उनकी जगह मौका दिया जाएगा।
भविष्य के मुकाबले में उम्मीदें
चौथे और पांचवें टी20 मैचों में अब सैमसन से बहुत बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। टीम को मजबूत बनाये रखने के लिए सैमसन को अपनी बल्लेबाजी औसत बढ़ानी होगी। अगला मैच 31 जनवरी को पुणे में होगा, जबकि अंतिम मैच 2 फरवरी को मुंबई में खेला जाएगा। इस समय भारत सीरीज में 2-1 से आगे है, लेकिन अब सैमसन को साबित करना होगा कि वे इस स्तर की प्रतियोगिता में लगातार प्रदर्शन कर सकते हैं।
क्या संजू सैमसन की निरंतरता का संकट उनके करियर को प्रभावित करेगा?
क्रिकेट में निरंतरता सर्वोपरि है। खिलाड़ी जब अपनी सहजता और प्रेरणा खो देते हैं, तो उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है। सैमसन, जो अपनी प्रतिभा और स्किल्स के लिए जाने जाते हैं, शायद इस समय अपनी कला को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं।
समापन में
अभी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सैमसन अपने प्रदर्शन में सुधार कैसे करेंगे। क्या वे अपनी क्षमता को साबित कर पाएंगे? क्या वे आने वाले मैचों में एक बड़े स्कोर की ओर अग्रसर होंगे? यह प्रश्न सभी क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
भारत के क्रिकेट इतिहास में सैमसन जैसे युवा खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी बल्लेबाजी में सुधार कैसे करते हैं।
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