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Thursday, January 22, 2026

बीड सरपंच हत्या मामले की जांच तेज, संदिग्ध डॉक्टर पर नजर और दो आरोपियों की गिरफ्तारी

इंडियाबीड सरपंच हत्या मामले की जांच तेज, संदिग्ध डॉक्टर पर नजर और दो आरोपियों की गिरफ्तारी

बीड के सरपंच की हत्या के बाद पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, गिरफ्तार हुए आरोपी

मुंबई के नजदीक कल्याण से बीड के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े मामले में पुलिस ने सिद्धार्थ सोनावणे नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। इस हत्या के मामले में पुलिस ने नांदेड़ जिले के एक डॉक्टर पर भी नजर रखी है, जो कि इस मामले के दो वांछित आरोपियों के संपर्क में था। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब संतोष देशमुख की 9 दिसंबर को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।

सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े कई सवाल उठ रहे हैं, जिसमें मुख्यतः यह शामिल है कि हत्या का असली कारण क्या था और इस कांड में अन्य संदिग्धों की भूमिका क्या है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में संगठित अपराध का मामला सामने आ रहा है, जहां संतोष ने एक पवनचक्की परियोजना के खिलाफ वसूली की कोशिशों के खिलाफ आवाज उठाई थी।

हत्या का घटनाक्रम, गिरफ्तारियां और संभावित साजिश

9 दिसंबर को संतोष देशमुख का अपहरण किया गया, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। इस मामले में बीड पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार हफ्तों में कई गिरफ्तारियां की हैं। अधिकारियों का कहना है कि बीड पुलिस को इस मामले में कुछ सुराग मिले थे, जिसके आधार पर उन्होंने कार्रवाई की। आशंका जताई गई है कि हत्या के पीछे स्थानीय माफिया का हाथ है।

पुलिस ने इस मामले में विदेशों में भागे हुए कुछ संदिग्धों का भी पता लगाया है। बीड जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब तक हत्या के मामले में नामित सात लोगों में से छह को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें से एक प्रमुख आरोपी सुदर्शन चंद्रभान घुले है, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

डॉक्टर की भूमिका पर पुलिस की नज़र

पुलिस का मानना है कि नांदेड़ के डॉक्टर संभाजी वैभासे का संलिप्तता इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर ने आरोपी सुदर्शन घुले को भागने में मदद की थी। उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया। हालांकि, पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि डॉक्टर पर नज़र कब से रखी जा रही थी।

पुलिस ने इस पूरे मामले को लेकर जांच जारी रखी है और उनके पास कुछ और संभावित सुराग भी हैं।

हत्या का मूल कारण: जबरन वसूली

संतोष देशमुख की हत्या का मुख्य कारण जबरन वसूली का मामला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह एक पवनचक्की परियोजना के खिलाफ थे, जो बीड जिले में चल रही थी। संतोष देशमुख का कड़ा रुख माफियाओं को पसंद नहीं आया, और इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।

इस हत्या की घटना ने न केवल बीड जिले में बल्कि पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है। राज्य के स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने इस मामले की सख्त भर्त्सना की है और मामले की जल्द जांच की मांग की है।

रविवार को मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को भी गिरफ्तार किया गया। उन्हें इस हत्या के सिलसिले में ज़रूरी जानकारी देने के लिए धर दबोचा गया है। इससे पता चलता है कि इस मामले में राजनीतिक कनेक्शन भी हो सकते हैं।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना

पुलिस अब इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ाने को लेकर तैयार है। बीड पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी को कोई जानकारी मिलती है तो वे पुलिस से संपर्क करें। यह मामला हालात की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी को सौंपा गया है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इस मामले को लेकर कई गवाह भी सामने आ रहे हैं, जो पुलिस के लिए अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

पुलिस की सतर्कता और समुदाय की भूमिका

इस हत्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कैसे स्थानीय माफिया और जबरन वसूली के मामलों का सामना करने में स्थानीय सरपंचों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। पुलिस का मानना है कि अगर स्थानीय समुदाय जागरूक हो और पुलिस को सूचनाएँ दें, तो ऐसे मामलों पर नियंत्रण किया जा सकता है।

यह मामला न केवल न्याय की मांग करता है, बल्कि यह दिखाता है कि समाज में सुरक्षित रहने के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा।

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