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Friday, January 23, 2026

घरेलू शेयर बाजार में तेज़ी बनी हुई है, सेंसेक्स 401 अंक चढ़ा, निफ्टी भी बढ़ा

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शेयर बाजार की शुरुआत: सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल

घरेलू शेयर बाजार में एक बार फिर से तेजी देखने को मिली है। मंगलवार को सेंसेक्स 401.53 अंक की बढ़त के साथ 76,901.16 अंक पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 97.5 अंक चढ़कर 23,273.55 अंक पर रुख करता हुआ नजर आया। इस तेजी का प्रभाव कुछ हद तक विदेशी निवेशों पर निर्भर करता है, जिसमें मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 8,132.26 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की।

शेयर बाजार के इस उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति में बदलाव भी है। शुरुआती कारोबार में रुपये ने 86.51 पर ट्रेडिंग की। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि बाजार में यह तेजी कैसे आ रही है, और इसके पीछे क्या कारण हैं।

क्यों हो रही है शेयर बाजार में तेजी?

इस सवाल का जवाब देने के लिए हमें उन कारकों पर ध्यान देना होगा जो वर्तमान में बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। अधिकतर आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार होने के कारण निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू उद्योगों की बढ़ती मांग ने भी बाजार में सकारात्मक वातावरण तैयार किया है।

हालांकि, इसके बावजूद कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं। विदेशी निवेशकों द्वारा शेयरों की बिक्री से यह संकेत मिलता है कि वे अभी भी घरेलू बाजार में निवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। यह स्थिति आगामी समय में बाजार के लिए एक चुनौती हो सकती है।

भरपूर जानकारी के अनुसार, सेंसेक्स और निफ्टी के प्रमुख शेयरों पर नज़र

यदि हम सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों की बात करें, तो इनमें से कई शेयरों ने इस उछाल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जैसे कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस जैसे शेयरों में तेजी आई है। निवेशक इन्हें अपनी पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं, जिससे बाजार में सकारात्मक भावना बनी हुई है।

दूसरी ओर, निफ्टी के टॉप गेनर्स में टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयर शामिल हैं जबकि टॉप लूज़र में कुछ अन्य कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।

रुपया और कच्चे तेल की कीमतें

हालांकि, रुपये की स्थिति में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने 86.55 प्रति डॉलर पर ट्रेडिंग की, जो कि पिछले बंद भाव से दो पैसे की गिरावट दर्शाता है। यह गिरावट कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी पूंजी की भारी निकासी के कारण हुई है।

रुपये की इस गिरावट का सीधा असर घरेलू शेयर बाजारों पर पड़ रहा है, जिससे बाजार की सकारात्मक धारणा थोड़ी कमजोर पड़ रही है।

कुल मिलाकर, क्या अपेक्षा की जा सकती है?

आने वाले समय में यदि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आएगी और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, तो बाजार में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। इस समय, आर्थिक विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और दीर्घकालिक निवेश के लाभ के लिए उपयुक्त रणनीतियाँ बनाने का सुझाव दिया है।

बाजार की स्थिति पर विश्वसनीय जानकारियाँ:

दुनिया भर में शेयर बाजारों की जानकारी और विश्लेषण के लिए आप[Bloomberg](https://www.bloomberg.com/) और[Reuters](https://www.reuters.com/) जैसी वेबसाइटें देख सकते हैं, जो आपको ताजा न्यूज और अपडेट प्रदान करेंगी।

अंत में, निवेशकों को यही सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश को लेकर सोच-समझकर निर्णय लें और बाजार की चाल को ध्यान में रखते हुए ही निवेश के कदम बढ़ाएं।

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