प्रधानमंत्री मोदी के संवाद का विशेष आयोजन, जुड़ेगा हर भारतीय से
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन विशेष रूप से गणतंत्र दिवस के अवकाश से पहले किया जा रहा है। आमतौर पर हर महीने के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री अपने विचारों के साथ-साथ राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। आज, वे उन विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे, जो गणतंत्र दिवस के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।
किस मुद्दे पर बात करेंगे मोदी? (Who, What, Where, When, Why, How)
प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ की यह 118वीं कड़ी है, जिसे आज सुबह 11 बजे आकाशवाणी और दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में वे अपने विचार साझा करेंगे और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की महत्ता के बारे में प्रेरित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यक्रम विभिन्न भारतीय भाषाओं में, साथ ही कई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान वे इस बात पर भी जोर देंगे कि कैसे हमारे नागरिक अपने कर्तव्यों को समझें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
गणतंत्र दिवस पर, देश अपनी आजादी की ओर बढ़ते हुए अपने संविधान के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करता है। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री का संवाद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वे इस अवसर पर देशभक्ति, एकता और विविधता के महत्व पर जोर दे सकते हैं। ‘मन की बात’ का यह कार्यक्रम सुनने के लिए सभी नागरिकों को प्रेरित करने का एक माध्यम है ताकि वे अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझ सकें।
मन की बात की लोकप्रियता
प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 को हुई थी और तब से लेकर अब तक यह लगातार लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर चुका है। यह कार्यक्रम ना केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में भी भारतीयों के बीच भी सुना जाता है। इसके माध्यम से मोदी जी आम नागरिकों की समस्याओं, उनके विचारों और उनके सपनों को सुनते हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।
‘मन की बात’ कार्यक्रम को आकाशवाणी के 500 से अधिक केंद्रों से प्रसारित किया जाता है और यह विभिन्न प्रमुख भारतीय भाषाओं के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी उपलब्ध है। इस कार्यक्रम की एक विशेषता यह है कि यह सीधे तौर पर लोगों से संवाद स्थापित करता है, जो कि न केवल जानकारी बल्कि प्रेरणा भी देता है।
अध्ययन और भविष्य के विषय
सीधे तौर पर संबंधित विषयों पर बात करने के साथ-साथ, मोदी जी महामारी के दौरान पेश आए अनुभवों, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे विषयों का भी जिक्र कर सकते हैं। खासकर बच्चों और युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के विषय पर भी उनकी बातों का महत्व होगा।
इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, और तकनीकी नवाचार जैसे मुद्दे भी इस बार के कार्यक्रम का हिस्सा हो सकते हैं। ‘मन की बात’ का यह मंच भारतीय नागरिकों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराने में भी मदद करेगा।
भावी योजनाओं पर विचार
जैसे-जैसे हम गणतंत्र दिवस की ओर बढ़ रहे हैं, प्रधानमंत्री संभवतः यह भी साझा कर सकते हैं कि कैसे हम सब मिलकर अपने देश को और मजबूत बना सकते हैं। वे यह भी बताएंगे कि हमें अपने संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को कैसे समझना चाहिए और इसे लागू करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी अपने कार्यक्रम में कहा है कि एक सशक्त भारत का निर्माण हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे में, गणतंत्र दिवस से पहले का यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पल है, जिसमें वे नागरिकों को एकजुट होने की प्रेरणा देंगे।
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PM मोदी की ‘मन की बात’ कार्यक्रम का ये विशेष आयोजन ना केवल एक संवाद है बल्कि यह हमें एकजुट होकर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाता है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस कार्यक्रम को सुनें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित हों।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप[नवभारत टाइम्स](https://navbharattimes.indiatimes.com) और[BBC हिंदी](https://www.bbc.com/hindi) जैसे संबंधित स्रोतों का संदर्भ ले सकते हैं।
आइए, हम सभी मिलकर अपने देश को एक नई दिशा देने का प्रयास करें।

