नई दिल्ली: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने हाल ही में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल के तहत शुरू की गई ‘बीमा सखी योजना’ ने एक महीने के भीतर 52,511 महिलाओं का पंजीकरण किया है। इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य हर पंचायत में कम से कम एक बीमा सखी को नियुक्त करना है, जिससे महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, बल्कि बीमा क्षेत्र में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगी।
क्या है बीमा सखी योजना?
इस योजना के तहत, एलआईसी ने 27,695 महिलाओं को पॉलिसी बेचने के लिए नियुक्ति पत्र जारी किया है। वर्तमान में 14,583 महिलाएं पॉलिसी बेचना शुरू कर चुकी हैं। एलआईसी के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ मोहंती ने कहा है कि हम हर पंचायत को कम से कम एक बीमा सखी से कवर करना चाहते हैं। यह योजना महिलाओं को कौशल प्रदान करने और उन्हें डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाने का भी प्रयास है।
कब और कहाँ हुई शुरुआत?
यह योजना एक महीने पहले, यानी दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य भारत के हर कोने में महिलाओं को एक नया अवसर प्रदान करना है। बीमा सखी योजना का मुख्य केंद्र भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में है, जहां महिलाएं पारंपरिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से बाहर होती हैं।
क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?
बीमा सखी योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि यह समाज में बीमा की जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करती है। महिलाओं को उनके खुद के व्यवसाय को चलाने का मौका मिलता है और साथ ही उन्हें एक स्थाई आय का स्रोत भी मिलता है। हर महीने उन्हें 7,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का वजीफा दिया जाएगा, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार संभव हो सकेगा।
कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन करने की पात्रता 18 से 70 वर्ष तक की महिलाओं के लिए है, जो 10वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी कर चुकी हैं। इच्छुक महिलाएं एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा, उन्हें आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
आर्थिक मदद के साथ सशक्तिकरण
बीमा सखी योजना के तहत, महिलाएं केवल वजीफा ही नहीं, बल्कि कमीशन भी कमा सकती हैं। जैसा कि सिद्धार्थ मोहंती ने बताया, यह योजना महिलाओं को उनके व्यवसाय के अनुसार कमीशन कमाने का अवसर देती है, और उनकी कमाई उनके लाए गए व्यवसाय के अनुपात में बढ़ती है।
As per the report by[Aaj Tak](https://www.aajtak.in/business/story/lic-bima-sakhi-yojana-50-thousand-registration-know-everything-1491455-2025-01-08), इस योजना के माध्यम से आने वाले तीन सालों में 2 लाख बीमा सखियों की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है।
समाज में बदलाव की दिशा में एक कदम
एलआईसी की इस योजना का उद्देश्य न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, बल्कि समाज में भी बदलाव लाना है। जब महिलाएं रोजगार के माध्य्म से आत्मनिर्भर होती हैं, तो इसके सकारात्मक प्रभाव समस्त परिवार और समुदाय पर पड़ते हैं।
क्या हैं प्रमुख चुनौतियां?
हालांकि इस योजना में कई सकारात्मक पहलू हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शिक्षा का स्तर, उनके प्रति समाज का दृष्टिकोण और आर्थिक संसाधनों की कमी कुछ बड़ी बाधाएं हो सकती हैं। एलआईसी को इन चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतियों पर काम करना होगा।
आगे की योजनाएँ
एलआईसी ने महिलाओं को ट्रेनी करने और उन्हें डिजिटल टूल्स से जोड़ने पर जोर दिया है। इसके अलावा, उन्हें नियमित रूप से मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान किया जाएगा ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में सफल हो सकें।
एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ न केवल महिलाओं के लिए व्यक्तिगत विकास का माध्यम है, बल्कि यह समाज में बीमा सुरक्षा की जागरूकता बढ़ाने और आर्थिक हरियाली लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
यदि आप इस योजना के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें:[LIC Official Website](https://www.licindia.in)।
इस प्रकार, एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ एक नई दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल महिलाओं को सशक्त बनाती है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने का एक अवसर प्रदान करती है।

