मुंबई में सैफ अली खान पर हुए चाकू के हमले की घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खलबली मचा दी है।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सैफ अली खान की तेज़ रिकवरी पर उठाए सवाल
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर 16 जनवरी को मुंबई के बांद्रा में एक व्यक्ति ने चाकू से हमला किया था। इस हमले में सैफ बुरी तरह से घायल हो गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालाकि, चार दिन बाद ही सैफ को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया, जिसे लेकर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “क्या इतनी जल्दी ठीक होना संभव है?” और इस घटना को संदिग्ध करार दिया।
किसने, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?
- कौन: सैफ अली खान, बॉलीवुड अभिनेता।
- क्या: चाकू से हमला।
- कहाँ: बांद्रा, मुंबई।
- कब: 16 जनवरी 2025 को।
- क्यों: हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
- कैसे: हमलावर ने सैफ के घर में घुसकर उन्हें चाकू मारा।
संजय निरुपम ने मीडिया से बातचीत में सैफ की जल्दी ठीक होने पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक ढाई इंच का चाकू उन्हें मारा गया था और चार दिन बाद ही वो अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट आए, ऐसा लगा मानो कुछ हुआ ही नहीं था।” उन्होंने कहा कि सभी को उम्मीद है कि सैफ जल्दी ठीक हों, लेकिन इस घटना ने मुंबई की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज पर उठे सवाल
संजय निरुपम ने अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर सैफ खून से लथपथ थे, तो अस्पताल में जैसे ही पहुंचे, उसका फुटेज कहां है?” इससे यह प्रश्न उठता है कि क्या वास्तव में एक छोटा बच्चा अपने पिता को ऐसी हालत में अस्पताल ले जा सकता है। इस मामले में संजय निरुपम ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि तीन दिनों में तीन अलग-अलग आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी संदेह है।
पुलिस की जांच और आरोपियों की पहचान
पुलिस ने हमले के आरोपी की पहचान मोहम्मद शरीफुल शहजाद के रूप में की है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी बांग्लादेशी नागरिक है और वह अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि इस मामले में जांच की स्पष्टता होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि असल में क्या हुआ था।
इस घटना के बाद, मुंबई की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। विपक्षी नेताओं ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर महायुति सरकार को घेरने की कोशिश की है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक घटना से पूरे महाराष्ट्र या मुंबई को असुरक्षित नहीं कहा जा सकता।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर चिंता
सैफ अली खान पर हुए इस हमले ने ना केवल बॉलीवुड के लोगों को बल्कि आम जनता को भी चिंतित कर दिया है। मुंबई, जो अक्सर अपनी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जानी जाती है, अब एक और मामलों के कारण सवालों के घेरे में है। हालांकि, इस मामले का राजनीतिकरण भी शुरू हो गया है, जिससे यह बात स्पष्ट होती है कि घटनाओं को लेकर सरकार की जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है।
संक्षेप में
इस हमले ने न केवल सैफ अली खान की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि इससे मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था की सीमाओं को भी उजागर किया है। इस मामले की जांच में ढिलाई और आरोपियों की पहचान को लेकर संदेह ने इस घटना को और भी संदिग्ध बना दिया है। राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि इस घटना को लेकर समाज में एक बड़ी बहस की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मामलों को भविष्य में रोका जा सके।

