13.1 C
Delhi
Wednesday, January 21, 2026

यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए नए साल पर एनपीसीआई ने दी राहत, वॉल्यूम कैप की समयसीमा 2026 तक बढ़ाई गई

अर्थव्यवस्थायूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए नए साल पर एनपीसीआई ने दी राहत, वॉल्यूम कैप की समयसीमा 2026 तक बढ़ाई गई

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने नए साल के अवसर पर थर्ड पार्टी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ऐप्स के लिए 30 प्रतिशत वॉल्यूम कैप लागू करने की समयसीमा को दो साल बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया है। इस फैसले से प्रमुख कंपनियों जैसे फोनपे और गूगल पे को राहत मिली है। NPCI द्वारा यह तीसरी बार समयसीमा बढ़ाई गई है।

कौन? क्या? कहाँ? कब? क्यों? और कैसे?

कौन: इस निर्णय का प्रभाव मुख्य रूप से थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रदाताओं (TPAPs) पर पड़ेगा, जिसमें प्रमुख कंपनियों के रूप में फोनपे और गूगल पे शामिल हैं।

क्या: NPCI ने यूपीआई के लेनदेन की मात्रा पर 30 प्रतिशत वॉल्यूम कैप लागू करने की समयसीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया है।

कहाँ: यह निर्णय भारत में लागू किया जाएगा, जहाँ यूपीआई का उपयोग खरीदारी, पैसे भेजने और लेनदेन के लिए किया जाता है।

कब: यह नई समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

क्यों: NPCI ने कई कारकों पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया है, जिसमें TPAPs के अनुपालन की जरूरत और बाजार की स्थिति शामिल है।

कैसे: यह कैप पिछले तीन महीनों के दौरान यूपीआई में संसाधित किए गए लेनदेन की कुल मात्रा के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

एनपीसीआई का सर्कुलर

NPCI ने मंगलवार को जारी किए एक सर्कुलर में कहा, “कई कारकों पर विचार करते हुए, मौजूदा थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रदाताओं (TPAP) के अनुपालन की समयसीमा, जो वॉल्यूम कैप को पार कर रहे हैं, को दो साल यानी दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है।”

ति‍थी 2020 में शुरू की गई इस 30 प्रतिशत सीमा के तहत टीपीएपी्स को अपने लेनदेन को एक निश्चित मात्रा तक ही सीमित रखना होगा। इस कैप को पार करने वाले नए ग्राहकों को शामिल करने पर रोक लगाई जाएगी।

टीपीएपी्स का बाजार में प्रभाव

गूगल पे और फोनपे जैसी कंपनियाँ वर्तमान में यूपीआई के लेनदेन का 80 प्रतिशत हिस्सा रखती हैं। NPCI द्वारा चलाए जा रहे यूपीआई का उद्देश्य वास्तविक समय में पैसे के लेनदेन को सरल और सुविधाजनक बनाना है।

उसी सर्कुलर में NPCI ने यह भी कहा कि 30 प्रतिशत की गणना यूपीआई में पिछले तीन महीनों के दौरान संसाधित लेनदेन की कुल मात्रा के आधार पर की जाएगी। यदि कोई कंपनी 30 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी हासिल कर लेती है, तो उसे नए ग्राहकों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।

व्हाट्सएप पे पर राहत

इसके अलावा, एनपीसीआई ने व्हाट्सएप को भी बड़ी राहत देते हुए यूपीआई उपयोगकर्ताओं को शामिल करने की सीमा हटा दी है। इससे पहले, व्हाट्सएप पे को अपने यूपीआई उपयोगकर्ता आधार को 100 मिलियन उपयोगकर्ताओं तक सीमित रखने की अनुमति थी। अब, व्हाट्सएप पे भारत में अपने सभी उपयोगकर्ताओं को यूपीआई सेवाएं प्रदान कर सकता है।

यह क्या मतलब रखता है?

इस फैसले का अर्थ है कि अब फोनपे और गूगल पे जैसी कंपनियाँ अपनी सेवाओं को और विस्तार देने का अवसर प्राप्त करेंगी, जबकि व्हाट्सएप अब बिना किसी सीमा के अपने ग्राहकों को यूपीआई की सेवाएं दे सकेगा।

भविष्य की तैयारी

उद्योग के विशेषज्ञ मानते हैं कि यह निर्णय डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में तेजी लाएगा और उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेगा। वहीं, नए ग्राहकों को जोड़ने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।

व्यापारियों के लिए लाभकारी

इसके अतिरिक्त, यूपीआई के माध्यम से लेनदेन करने वाले व्यापारियों को भी इसका फायदा मिलेगा, क्योंकि अब ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया और अधिक सुगम हो जाएगी।

स्रोतों के अनुसार

इस संदर्भ में, अल्फ़ाबेट की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) की पहल से संचालित एनपीसीआई ने यूपीआई के उपयोग के लिए एक मजबूत ढांचे का विकास किया है।

समग्र वित्तीय क्षेत्र में प्रभाव

सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए नहीं, यह बदलाव पूरे वित्तीय क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भारत के भुगतान प्रणाली को और अधिक सुगम बनाएगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था को गतिशीलता प्रदान करेगा।

 

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles