ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने 16 जनवरी को सोनीपत की हिमानी मोर से शादी की। यह समारोह हिमाचल प्रदेश के सोलन में एक निजी रिसोर्ट में सम्पन्न हुआ। इसमें केवल वर-वधू पक्ष के 66 करीबी रिश्तेदार शामिल हुए। यह जोड़ी शादी के तुरंत बाद अमेरिका चली गई है और वे मई में भारत लौटने की संभावना जता रहे हैं, जब उनके परिवार द्वारा एक भव्य प्रीतिभोज का आयोजन किया जाएगा।
शादी के अनोखे पहलू
नीरज चोपड़ा ने विवाह की रस्म के दौरान केवल एक रुपया और एक गोला लिया, जिसका अर्थ है कि उनके परिवार ने दहेज के बिना शादी का आयोजन किया। नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने स्पष्ट किया कि यह विवाह दोनों परिवारों की खुशी और सहमति से किया गया था। शादी के बाद, नीरज और हिमानी 17 जनवरी को लड़सौली स्थित ससुराल पहुंचे, जहां नीरज ने वहां के पारिवारिक पकवानों का स्वाद लिया। उन्होंने घी-बुरा और चटनी-सब्जी के साथ रोटी का आनंद लिया, जो ससुराल में उनका पहला अनुभव था।
अमेरिका में खेल की ट्रेनिंग जारी
शादी के बाद, नीरज और हिमानी अमेरिका में अपनी खेलों की ट्रेनिंग जारी रखेंगे। उन्हें अपने परिवार द्वारा रिसेप्शन के लिए विशेष योजनाएं बनाने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि उनके लिए दिल्ली या चंडीगढ़ में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिससे उनके विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा, लोकल स्तर पर भी एक रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
इस विवाह समारोह में सुरक्षा को लेकर सख्त इंतजाम किए गए थे। रिसोर्ट में मौजूद सभी कर्मचारियों और मेहमानों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे। इसके साथ ही, सीसीटीवी कैमरों पर टेप लगाकर विवाह समारोह को गोपनीय रखा गया। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कर्मचारियों को यह निर्देश दिया गया था कि किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें, जिससे इस विवाह की सरगर्मी से लोगों को अवगत न होने दिया जाए।
परिवार का कहना
हिमानी के पिता चांदराम मोर ने नीरज के ससुराल आने की पुष्टि की और बताया कि शादी के बाद, उन्होंने नीरज को 500 रुपये का शगुन भी दिया था। यह विवाह निश्चित रूप से दोनों परिवारों के लिए खुशी का पल था और सभी ने इसका मनोज्ञ तरीके से आनंद लिया।
विवाह समारोह में नवाचार
इस विवाह समारोह में एक और खास बात यह थी कि सभी रस्मों को सरलता से पूरा किया गया। शादी के समय रिश्तेदारों और दोस्तों ने सभी विशेष अवसरों का जश्न मनाया, लेकिन बिना किसी भव्यता के। नीरज और हिमानी की शादी का यह अनोखा तरीका उनके परिवार के लिए एक नई मिसाल पेश करता है, जहां दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर प्यार और सहयोग को प्राथमिकता दी गई।
फुटबॉल परिवार की विशेषता
नीरज चोपड़ा और हिमानी मोर का यह विवाह केवल एक सामान्य शादी नहीं बल्कि एक प्रेरणा है। उन्होंने यह दर्शाया कि कैसे प्यार और पारिवारिक रिश्तों को प्राथमिकता देते हुए सामाजिक बुराइयों को नकारा जा सकता है। यह न केवल दहेज की प्रथा के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है, बल्कि यह भी कि कैसे आधुनिक भारत के युवा अपने पारंपरिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं
अभी के लिए, नीरज और हिमानी अमेरिका में अपने खेल करियर पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उनका लक्ष्य आगामी खेलों में उत्कृष्टता हासिल करना है। शादी के बाद उनकी प्राथमिकता प्रशिक्षण और अपनी खेल क्षमताओं को विकसित करने की होगी। उनके परिवार ने उनके लिए जो रिसेप्शन योजनाएं बनाई हैं, उनकी तैयारी शुरू हो चुकी है।
नीरज चोपड़ा और हिमानी मोर का विवाह न केवल खेल जगत में एक चर्चित घटना है, बल्कि यह भारतीय समाज में एक नई दिशा प्रदान करता है। यह निश्चित रूप से भविष्य में कई युवा जोड़ों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनेगा।

