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Thursday, January 22, 2026

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में केजरीवाल पर हुए हमले को लेकर AAP का बड़ा खुलासा

इंडियादिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में केजरीवाल पर हुए हमले को लेकर AAP का बड़ा खुलासा

दिल्ली चुनाव की बृहद छवि: केजरीवाल पर हमले का आरोप, क्या है पूरा मामला?

दिल्ली में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए खतरे की घंटी बज गई है, जब उनकी गाड़ी पर एक हमले की खबर सामने आई है। इस हमले में शामिल व्यक्ति को खतरनाक अपराधी और भाजपा के नेता प्रवेश वर्मा का करीबी बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा है कि यह हमला भाजपा के गुंडों द्वारा किया गया था। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि हमले में शामिल व्यक्ति का आपराधिक इतिहास है, जिसके चलते उनकी मंशाएं संदिग्ध हैं।

इस घटना ने 2025 के विधानसभा चुनावों के माहौल को गरमा दिया है। नई दिल्ली विधानसभा सीट पर जहां अरविंद केजरीवाल खुद उम्मीदवार हैं, वहां पहले से ही राजनीतिक तापमान काफी बढ़ा हुआ है। चुनावों की प्रक्रिया में इस बार 981 उम्मीदवारों ने 1522 नामांकन पत्र भरे हैं, जिनमें से 477 खारिज कर दिए गए हैं। 5 फरवरी को मतदान और 8 फरवरी को मतगणना होने वाली है।

हमले का विवरण: कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?

कौन: इस हमले में शामिल व्यक्ति का नाम राहुल उर्फ शैंकी बताया गया है, जो प्रवेश वर्मा के करीबी है।

क्या: अरविंद केजरीवाल की गाड़ी पर पत्थर फेंका गया, जिससे जानमाल का खतरा हो सकता था।

कहाँ: यह घटना नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में हुई।

कब: यह हमला कल, यानी 18 जनवरी 2025 को हुआ।

क्यों: AAP का आरोप है कि यह हमला भाजपा के गुंडों द्वारा अरविंद केजरीवाल को चोट पहुँचाने के लिए किया गया था, जिससे चुनाव में उनका प्रदर्शन प्रभावित हो सके।

कैसे: मुख्यमंत्री आतिशी ने बताया कि यह हमला सुनियोजित था और इस मामले में खतरनाक अपराधियों को शामिल किया गया था।

इस हमले के बाद, AAP ने भाजपा पर गहरे कटाक्ष किए हैं और इसे चुनावी राजनीति का गिरा हुआ स्तर बताया है।

राजनीतिक स्थिति और प्रतिक्रिया

इस हमले के बाद AAP ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे चुनावी माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आतिशी ने यह भी कहा कि यह एक सुनियोजित प्रयास है, ताकि जनता के बीच डर का माहौल बनाया जा सके। इसके साथ ही, कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने कहा कि लोग अरविंद केजरीवाल और भाजपा से निराश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 सालों में कांग्रेस के शासन में जो कुछ हुआ है, उस पर लोगों की नाराजगी साफ है।

वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने डोर-टू-डोर अभियान चलाते हुए कहा कि उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक पार्टी का नहीं है, बल्कि यह दिल्ली के भविष्य का चुनाव है।

निर्णायक मतदान और निर्वाचन आयोग की भूमिका

दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों पर मतदान 5 फरवरी को होगा। इस बार की चुनाव प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। मतदान से पहले, सभी पार्टियों को अपने प्रचार और चुनावी रणनीति को मजबूत करना होगा।

निर्वाचन आयोग ने इस बार का चुनाव पारदर्शिता और निष्पक्षता से कराने का वादा किया है। इसके अलावा, चुनाव में किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी की जा रही है।

इस बीच, AAP ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह संगठन लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन कर रहा है।

अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव का न सिर्फ राजनीतिक बल्कि आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है। चुनाव के चलते आर्थिक गतिविधियों में कमी आ सकती है, जिससे आम जनता पर असर पड़ता है। चुनावी मौसम में बाजारों की स्थिति और निवेशकों की भावना पर भी असर पड़ सकता है।

इसलिए, यह जरूरी है कि राजनीतिक दल चुनावी माहौल को सकारात्मक दिशा में बढ़ाएँ और जनता को अपनी वास्तविक समस्याओं से अवगत कराएँ।

अब जब चुनाव सिर पर हैं, तो सभी पार्टियों का फोकस अपने-अपने मुद्दों और योजनाओं पर होना चाहिए।

आगे की राह

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की दिशा में ये घटनाएँ और आरोप-प्रत्यारोप निश्चित तौर पर राजनीति को गरमा देंगे। सभी राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे अपने-अपने दृष्टिकोण और योजनाओं को बेहतरीन तरीके से जनता के सामने रखें।

दिल्ली के लोग एक ऐसा नेतृत्व चाहते हैं जो न केवल अच्छे वादे करें, बल्कि उन्हें पूरा करने की क्षमता भी रखे।
As per the report by Amar Ujala, इस बार की चुनावी जंग और भी कठिन होने वाली है।

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