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Thursday, January 22, 2026

तमिलनाडु विधानसभा में राष्ट्रगान के अपमान पर राज्यपाल आरएन रवि का कड़ा ऐतराज

इंडियातमिलनाडु विधानसभा में राष्ट्रगान के अपमान पर राज्यपाल आरएन रवि का कड़ा ऐतराज

राज्यपाल ने विधानसभा सत्र को संबोधित करने से किया इनकार, मामला बन गया है तूल

तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने आज विधानसभा सत्र में राष्ट्रगान के अपमान को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की और बिना संबोधन के सदन छोड़ दिया। यह घटना तब हुई जब विधानसभा सत्र की शुरुआत में सिर्फ तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वजथु’ गाया गया और राष्ट्रगान की कोई मांग नहीं मानी गई। तमिलनाडु विधानसभा का यह सत्र साल 2025 का पहला सत्र था, जिसमें उन मुद्दों पर चर्चा होनी थी, जो राज्य की राजनीति में गर्माते रहे हैं।

किसने, क्या, कहाँ, कब, क्यों और कैसे?

कौन: तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि
क्या: विधानसभा सत्र में राष्ट्रगान के अपमान पर नाराजगी जताई
कहाँ: तमिलनाडु विधानसभा, चेन्नई
कब: 6 जनवरी 2025
क्यों: विधानसभा सत्र के दौरान राज्यगीत के बाद राष्ट्रगान नहीं गाया गया
कैसे: राज्यपाल ने बिना संबोधित किए सदन छोड़ दिया

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा में राष्ट्रगान वादन की मांग की, लेकिन उनकी यह अपील खारिज कर दी गई। इस पर राज्यपाल ने नाराज होकर सदन से चले जाने का निर्णय लिया। इसके बाद तमिलनाडु राजभवन ने एक औपचारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि ‘भारत के संविधान और राष्ट्रगान का एक बार फिर तमिलनाडु विधानसभा में अपमान हुआ है।’

राज्यपाल का बयान

राज्यपाल आरएन रवि ने कहा, “भारत के संविधान में पहला मौलिक कर्तव्य राष्ट्रगान का सम्मान करना है। सभी राज्य विधानसभाओं में सत्र की शुरुआत और समापन पर राष्ट्रगान का गायन होता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यहां सिर्फ तमिल थाई वजथु का गायन किया गया और उनकी मांग को दरकिनार कर दिया गया। इस पर उन्होंने चुपचाप वापस लौटने का निर्णय लिया।

पिछले विवादों की थाली

यह पहली बार नहीं है जब राज्यपाल आरएन रवि को विधानसभा सत्र में विवादास्पद स्थितियों का सामना करना पड़ा है। पिछले दो वर्षों में, उन्होंने कई बार सरकार के बयान पढ़ने से इनकार किया था, जिससे सदन में लगातार विवाद उत्पन्न होते रहे हैं। इस बार भी विधानसभा में हंगामे की उम्मीद की जा रही है, खासकर अन्ना विश्वविद्यालय में एक छात्रा से दुष्कर्म के मामले को लेकर चला आ रहा मामला गरमाया हुआ है, जिससे विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं।

AIADMK का विरोध प्रदर्शन

राज्यपाल के सत्कार में इस तरह के बर्ताव से सत्ताधारी दल और उसके सहयोगियों में नाराजगी फैल गई है। तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष के सेल्वापेरुन्थगाई ने कहा, “राज्यपाल संविधान को दरकिनार कर रहे हैं। वह तमिलनाडु के लोगों और उनकी भावनाओं का आदर नहीं करते।” इससे पहले कि मामला हाथ से निकलता, एआईएडीएमके और अन्य विपक्षी दलों ने अन्ना विश्वविद्यालय से जुड़े यौन उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

भविष्य की संभावनाएँ

राज्यपाल की इस नाराजगी ने विधानसभा में हंगामे को और बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों ने स्पष्ट रूप से इस मुद्दे को उठा लिया है कि कैसे राज्यपाल ने विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। इसके परिणामस्वरूप, विधानसभा सत्र में और भी अधिक अव्यवस्था की संभावना है, विशेषकर जब अन्ना विश्वविद्यालय के मुद्दे पर चर्चा होने वाली है।

कृपया ध्यान दें, यह रिपोर्ट[ANI](https://www.aninews.in/) के अनुसार तैयार की गई है, जो इस मामले की मान्यता प्राप्त सूत्रों में से एक है।

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