नागपुर में उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की बैठक, आदित्य ठाकरे भी रहे शामिल
मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को नागपुर में मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। यह मुलाकात राज्य में चल रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई। इस बैठक में आदित्य ठाकरे, अनिल परब और वरुण सरदेसाई भी उपस्थित थे। उद्धव ठाकरे का यह दौरा राजनीतिक परिपक्वता का प्रतीक है, जिसमें उन्होंने राज्य की आपसी राजनीतिक स्थिति पर विचार किया।
इस मुलाकात में उद्धव ठाकरे ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और बताया कि यह मुलाकात महत्वपूर्ण थी। मुलाकात का एक उद्देश्य यह भी था कि सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष को एक साथ मिलकर काम करने का प्रयास करना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि “जब हम महाराष्ट्र सरकार के लिए काम कर रहे हैं, तो हमें एक साथ आकर काम करना चाहिए। यह सिर्फ राजनीति का काम नहीं है, बल्कि राज्य और देश के हित का भी काम है।”
कौन: उद्धव ठाकरे (शिवसेना प्रमुख), देवेंद्र फडणवीस (मुख्यमंत्री), आदित्य ठाकरे (विधायक), अनिल परब और वरुण सरदेसाई (शिवसेना के अन्य विधायक)।
क्या: उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
कहाँ: नागपुर में विधान भवन के कक्ष में।
कब: मंगलवार, 17 दिसंबर 2024 को।
क्यों: यह मुलाकात राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई, जिससे यह निश्चित किया जा सके कि दोनों पक्षों को राज्य और देश के हित के लिए एक साथ काम करना चाहिए।
कैसे: उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगियों ने बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें राजनीतिक परिपक्वता और अफसोसजनक स्थिति पर प्रकाश डाला गया।
उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह एक कदम आगे है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुलाकात में विपक्ष के नेता के पद पर कोई चर्चा नहीं हुई।
आदित्य ठाकरे की प्रतिक्रिया
आदित्य ठाकरे ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार के लिए काम करते समय, हमें राजनीतिक परिपक्वता दिखानी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि सभी पार्टियों को मिलकर काम करना चाहिए और ऐसे समय में एकजुटता जरूरी है।
इस मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं, इसलिए मिलना-जुलना सामान्य है।”
पार्टीयों के बीच राजनीतिक स्थिति
गौरतलब है कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उनके पास वर्तमान में विपक्ष का नेता नहीं है क्योंकि शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी की संयुक्त पार्टी केवल 46 सीटों पर ही सिमट गई है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी दल केवल 46 सीटों पर सिमट गए।
ठाकरे का हमला
उद्धव ठाकरे ने नागपुर पहुंचने के बाद राज्य सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” विधेयक लागू करने से पहले चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता है। गुजरे चुनावों के आयुक्तों के चयन पर भी चर्चा की गई। हालांकि, इस बार उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसे कैसे किया जा सकता है।
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार की लड़की बहिन योजना पर भी एक कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रेमी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये देने चाहिए, जैसा कि चुनाव से पहले वादा किया गया था।”
जैसे-जैसे राज्य की राजनीतिक स्थिति बदलती है, यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अपने बयानों में उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि राज्य और देश की भलाई के लिए सभी पार्टीयों को सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
राजनीतिक परिपक्वता की आवश्यकता
राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए, यह जरूरी है कि सभी राजनीतिक दल अपने स्वार्थों से ऊपर उठकर काम करें। उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात इस दिशा में एक पहल है।

