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Wednesday, January 21, 2026

विराट कोहली पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का शर्मनाक आरोप: ‘बुली’ शब्द का किया इस्तेमाल

खेलविराट कोहली पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का शर्मनाक आरोप: 'बुली' शब्द का किया इस्तेमाल

मेलबर्न में कोहली के विवाद के पीछे की कहानी

बॉक्सिंग डे टेस्ट सीरीज के दौरान हर बार कुछ न कुछ विवाद होता है, ऐसा तो क्रिकेट प्रेमी जानते ही हैं। हालिया वनडे टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भारतीय क्रिकेट के सितारे विराट कोहली को ‘बुली’ कहा है। इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों ने कोहली पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एक महिला पत्रकार से बुरी तरह बात की। दरअसल यह मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय टीम 19 दिसंबर को मेलबर्न पहुंची थी और वहां हवाई अड्डे पर कुछ पत्रकारों ने कोहली के बच्चों की तस्वीरें खींचने की कोशिश की।

क्या हुआ था हवाई अड्डे पर?

19 दिसंबर 2024 को ब्रिस्बेन में तीसरे टेस्ट के समाप्त होने के बाद, भारतीय टीम मेलबर्न एयरपोर्ट पहुंची। तभी ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों ने कोहली के बच्चों की तस्वीरें खींचने की कोशिश की। कोहली, जो अपने परिवार की गोपनीयता को बहुत महत्व देते हैं, इस पर गुस्से में आ गए। उन्होंने महिला पत्रकार से कहा कि उन्हें अपने बच्चों के साथ कुछ गोपनीयता चाहिए। कोहली ने कहा कि ‘आप मुझसे पूछे बिना तस्वीरें नहीं खींच सकते।’ इस पर विवाद बढ़ गया और ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने कोहली के प्रति असंवेदनशील टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।

कोहली का रोष और मीडिया की प्रतिक्रिया

कोहली ने उस वक्त कहा, ‘मेरे बच्चों के तस्वीरें खींचने की कोशिश करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’ जैसे ही उन्होंने पत्रकारों से अपने बच्चों की तस्वीरों को डिलीट करने की अपील की, वह बातचीत में कड़वाहट बढ़ गई। ऑस्ट्रेलियाई ‘नाइन स्पोर्ट्स’ के पत्रकारों ने कोहली को खुलेआम ‘बुली’ कहकर आलोचना की। डेली मेल के अनुसार, पत्रकार जोंस ने कहा, ‘विराट कोहली ने न केवल अपनी नाराजगी व्यक्त की, बल्कि वह एक महिला पत्रकार के सामने गाली देकर अपनी ताकत का इस्तेमाल कर रहे थे।’

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का दृष्टिकोण

जोंस ने आगे कहा कि ‘विराट कोहली एक वैश्विक सुपरस्टार हैं, लेकिन उन्हें इस बात पर गुस्सा आना कि कैमरे का ध्यान उन पर था, चौंकाने वाला है।’ उन्होंने इसे एक ‘धमकी देने वाले व्यक्ति’ के रूप में वर्णित किया और कहा कि एक महिला पत्रकार के सामने इस तरह का व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं है।

क्या यह पहली बार हुआ है?

यह नई घटना पहली नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने पहले भी भारतीय खिलाड़ियों पर इस तरह के आरोप लगाएं हैं। हाल ही में, यशस्वी जायसवाल और सिराज जैसे खिलाड़ियों को भी निशाने पर लिया गया था। जडेजा पर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया गया था। इससे पहले 2020/21 में भी ऑस्ट्रेलियाई फैंस ने सिराज के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसे ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने बचाने की कोशिश की थी।

व्यक्तिगत जीवन का सम्मान

विराट कोहली अपने परिवार की गोपनीयता को लेकर बहुत संजीदा हैं। उनके द्वारा यह बार-बार कहा गया है कि वह अपने परिवार के मामलों को सार्वजनिक रूप से नहीं लाना चाहते। हालांकि ऐसे समय में जब मीडिया का ध्यान उनकी निजी जिंदगी पर है, समाज में अपेक्षित सम्मान की आवश्यकता है।

मीडिया के दायित्व

आधुनिक समय में मीडिया का दायित्व केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि सूत्रधार की भूमिका निभाना भी है। जिन मुद्दों पर बात की जा रही है, वहाँ सूचनाओं की सटीकता और संवेदनशीलता भी बहुत महत्वपूर्ण है।

संवेदनशीलता की आवश्यकता

इस पूरे प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया कि खेल और मीडिया के बीच एक सीमारेखा है। कोहली जैसे खिलाड़ियों को अपनी निजी जिंदगी में भी कुछ हद तक गोपनीयता की आवश्यकता है। उन्हें एक इंसान के रूप में समझा जाना चाहिए, न कि केवल एक खेल के प्रतीक के रूप में। यह समय है जब मीडिया को भी सावधान रहना चाहिए कि वे अपनी पत्रकारिता को किस दिशा में ले जा रहे हैं।

आशा है कि यह घटना एक सबक बनेगी

इस घटना के बाद अब यह देखना होगा कि मीडिया और खिलाड़ी के बीच का संबंध किस दिशा में आगे बढ़ता है। यह उम्मीद की जाती है कि इस प्रकार की घटनाएँ भविष्य में नहीं होंगी और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान किया जाएगा। ऐसे में खेल जगत और मीडिया के बीच एक नए संबंध की शुरुआत हो सकती है।

 

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