22.1 C
Delhi
Thursday, January 22, 2026

महंगाई पर राहुल गांधी का तीखा हमला, सरकार को ‘कुंभकरण’ की तरह सोने का आरोप

इंडियामहंगाई पर राहुल गांधी का तीखा हमला, सरकार को 'कुंभकरण' की तरह सोने का आरोप

हाल ही में, कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महंगाई के मुद्दे पर एक बार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आम जनता बढ़ती कीमतों से जूझ रही है और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए समझौता करने को मजबूर है, जबकि सरकार “कुंभकरण की तरह सो रही है।” यह बयान मंगलवार को गांधी द्वारा एक सब्जी बाजार में गृहणियों के साथ बातचीत के दौरान आया, जहाँ उन्होंने संकट की वास्तविकता को उजागर किया।

क्या हुआ?
राहुल गांधी ने गिरि नगर में एक सब्जी बाजार का दौरा किया और वहाँ गृहणियों से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान, गृहणियों ने उन्हें महंगाई के चलते अपना भोजन तक सीमित करने की मजबूरी बताई। इस दौरे का एक वीडियो भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उन्होंने महंगाई के असामान्य स्तर को उजागर किया, जैसे कि लहसुन की कीमत ₹40 से बढ़कर ₹400 हो गई है।

कहाँ हुआ?
दिल्ली के गिरि नगर में स्थित एक सब्जी बाजार में, राहुल गांधी ने कई गृहणियों और सब्जी विक्रेताओं के साथ बातचीत की। यहाँ उन्होंने देखा कि महंगाई की वजह से लोग किस तरह अपने बजट को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं।

कब हुआ?
यह घटना मंगलवार, 24 दिसंबर 2024 को हुई, जब राहुल गांधी ने अपने दौरे के बाद महंगाई के मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

क्यों हुआ?
कांग्रेस के नेता का यह बयान इस लिए आया है क्योंकि हाल के दिनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ा है। गांधी ने बताया कि कैसे लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी समझौता कर रहे हैं, जिससे उनकी जीवनशैली प्रभावित हो रही है।

कैसे हुआ?
राहुल गांधी ने गृहिणियों के साथ की गई बातचीत में उनकी समस्याओं को सीधे सुना और उनकी आवाज को उठाने का वादा किया। उन्होंने बताया कि महंगाई के कारण लोग न केवल अपने खान-पान में कटौती कर रहे हैं, बल्कि अन्य जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

सरकार की नींद: राहुल गांधी का तंज

गांधी ने कहा, “लोग बढ़ती महंगाई से परेशान हैं और अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हैं। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हमारी सरकार इस संकट पर ध्यान दे।” उन्होंने यह भी कहा कि, “किराना स्टोर केवल सामान बेचने का स्थान नहीं हैं; ये हमारी सांस्कृतिक और भावनात्मक धरोहर का हिस्सा हैं, लेकिन तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स के कारण कई दुकानें बंद हो रही हैं।”

उनके अनुसार, “महंगाई केवल एक संख्या नहीं है, यह आम आदमी के जीवन को प्रभावित कर रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि कैसे परिवारों को अपने बजट में कटौती करनी पड़ रही है, जिससे उनके लिए बुनियादी चीजें खरीदना भी कठिन हो गया है।

महंगाई की चुनौतियाँ

राहुल गांधी ने अपने वीडियो में कहा, “हम बात कर रहे थे कैसे लहसुन ₹400 प्रति किलो और मटर ₹120 प्रति किलो हो गया है। यह हमारे परिवारों के बजट को हिला रहा है।” उन्होंने गृहिणियों से बात करते हुए उनकी परेशानियों को ध्यान में रखा और कहा कि कैसे लोग क्या खाएं और क्या बचाएं, इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

आर्थिक अस्थिरता

गांधी ने यह भी बताया कि किस तरह से लोगों के लिए रिक्शा किराए का व्यवस्था करना भी एक चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि, “यदि आपके पास कोई सुझाव है या आप कोई कहानी हमारे साथ साझा करना चाहते हैं, तो कृपया हमें बताएं।”

कांग्रेस का दृष्टिकोण

कांग्रेस पार्टी ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम किया है। राहुल गांधी के बयान ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस महंगाई को चुनावी मुद्दा बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इससे पहले, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था, “लोग जवाब चाहते हैं, जुमलाबाजी नहीं।” उनका यह बयान इसलिए आया क्योंकि रोजमर्रा की जरूरत के सामान की कीमतों में अनियंत्रित वृद्धि हो रही है।

सरकार का मौन

राहुल गांधी के इस आक्रमण ने एक बार फिर से सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। वे लगातार यह दावा कर रहे हैं कि वर्तमान सरकार आम जनता की आवाज़ को अनसुना कर रही है।

 

राहुल गांधी का यह बयान अब एक बड़ा मुद्दा बन गया है। लोगों में बढ़ती महंगाई की चिंताओं के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस पर कोई ठोस कदम उठाएगी या फिर विपक्ष के आरोपों को दरकिनार कर देगी।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles