कानपुर: उत्तर प्रदेश के एसीपी मोहसिन खान पर एक छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया है, जिससे पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई है। छात्रा ने जानकारी दी है कि उसने मोहसिन के लिए उसके आईआईटी में पीएचडी की फीस भरी थी। इसके अलावा, मोहसिन के आईडी कार्ड पर छात्रा का मोबाइल नंबर इमरजेंसी संपर्क के रूप में दर्ज होने की बात भी सामने आई है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के महज तीन घंटे पहले मोहसिन ने मेडिकल कराने के लिए अस्पताल में गए थे।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले में आरोप है कि एसीपी मोहसिन खान ने एक पीएचडी छात्रा के साथ यौन शोषण किया। छात्रा ने बताया कि उसकी और मोहसिन की पहली मुलाकात साइबर सेल और आईआईटी के सीथ्री आईहब की कार्यशाला के दौरान हुई थी। जहां पर तत्कालीन डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने उन्हें एक-दूसरे से मिलवाया। छात्रा के अनुसार, मोहसिन ने उसे बताया था कि वह बहुत संपन्न व्यक्ति हैं और एक भव्य फ्लैट में रहता है।
कौन है छात्रा और क्यों भरी फीस?
पीड़ित छात्रा ने कहा कि उसने मोहसिन की पीएचडी की फीस भरी थी, और इस संबंध में उसने अपनी परेशानी का मुद्दा उठाया है। छात्रा के अनुसार, मोहसिन ने उसे यह भी बताया कि उसकी पत्नी अगर किसी अन्य महिला से मोहसिन की शादी होती है, तो वह इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार है। इस चौंकाने वाले खुलासे ने मोहसिन की पत्नी को सोशल मीडिया पर सक्रिय कर दिया, जहां उसने अपनी और मोहसिन की तस्वीरें साझा कीं।
किस स्थिति में पहुँचे थे मोहसिन?
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मोहसिन ने मेडिकल जांच के लिए अस्पताल में जाकर डॉक्टर से संपर्क किया था। डॉक्टर द्वारा उन्हें रीढ़ की बीमारियों के लिए चिह्नित किया गया। इस मेडिकल जांच के बारे में पुलिस प्रशासन ने जानकारी जुटाने का संकल्प लिया है।
छात्रा के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाना
छात्रा ने मोहसिन के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाया और बताया कि वह पढ़ाई में इतनी व्यस्त थी कि दिन रात 20 घंटे पढ़ाई करती थी, जिससे उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो गई थी। उसने कहा कि मोहसिन का उन्हें मानसिक विक्षिप्त कहने का आरोप एक तरह से उनकी खुद की सोच का प्रदर्शन करता है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शनिवार को पीड़ित छात्रा, प्रोफेसर, सुरक्षा गार्ड और अन्य छात्रों से पूछताछ की। साथ ही, छात्रा ने अपनी तहरीर को अंग्रेजी में दिया था, जिसे बाद में हिंदी में अनुवाद किया गया।
समाज में चर्चा
इस मामले ने कानपुर के समाज में बड़ी चर्चा पैदा कर दी है। लोग इस मामले की गहनता से जांच की मांग कर रहे हैं। एसीपी मोहसिन खान की छवि को इस प्रकरण से गहरा धक्का लगा है।
सम्बंधित सामग्री:
1.[पुलिस की अदालती कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया](https://example.com/legal-procedure)
2.[महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण के मामलों पर समझौता नहीं](https://example.com/sexual-harassment)
अंत में, यह मामला न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक ज्वलंत मुद्दा बन गया है, जहां पुलिस प्रशासन और समाज को महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के खिलाफ उत्पीड़न के मामलों में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष: एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ लगे आरोपों ने सवाल उठाया है कि क्या पुलिस प्रशासन वास्तव में अपने अधिकारी की कार्यप्रणाली की सही जांच करेगा या इसे दबाने का प्रयास किया जाएगा। समाज को ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है ताकि कोई भी व्यक्ति बिना डर के न्याय की मांग कर सके।[As per the report by Amar Ujala,](https://www.amarujala.com) और अन्य विस्तृत जानकारी के लिए[यहां क्लिक करें](https://example.com/news).

