गायिका परस्तु को पुलिस ने किया गिरफ्तार, वीडियो में नहीं पहना हिजाब
न्यूज डेस्क, तेहरान: ईरान में एक 27 वर्षीय गायिका परस्तु अहमदी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब उसने अपने गाने का एक वीडियो यूट्यूब पर साझा किया, जिसमें उसने हिजाब नहीं पहना था। मामला तब सामने आया जब वीडियो को गुरुवार को सार्वजनिक किया गया और इसे 15 लाख से अधिक लोगों ने देखा।
परस्तु का वीडियो एक स्लीवलेस काली ड्रेस में परफॉर्म करते हुए रिकॉर्ड किया गया था। उसे शनिवार को ईरान के सारी शहर से गिरफ्तार किया गया, जो कि तेहरान से लगभग 280 किलोमीटर दूर स्थित है। इस गिरफ्तारी के साथ ही ईरान की नैतिक पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश में हिजाब पहनना अनिवार्य है।
गायिका की गिरफ्तारी का कारण और इसके पीछे की कहानी
ईरान का समाज अत्यधिक धार्मिक है और यहां महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है। परस्तु के खिलाफ मामला तब दर्ज किया गया जब उनके द्वारा साझा किए गए गाने के वीडियो ने एक बार फिर उस विवाद को ताजा कर दिया जो पिछले कुछ सालों में हिजाब के मामले में उभरा है।
इससे पहले भी ईरान में हिजाब के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत के बाद समाज में हड़कंप मच गया था, जिसमें वह पुलिस द्वारा हिजाब न पहनने के चलते प्रताड़ित हुई थी। इसकी प्रतिक्रिया में विरोध प्रदर्शनों की लहर आई थी।
बात करें परस्तु की, तो उनकी गिरफ्तारी एक बार फिर साबित करती है कि ईरान में धार्मिक नीतियों का पालन न करने के लिए महिलाओं के खिलाफ कितनी सख्ती बरती जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परस्तु के चार संगीतकारों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ईरान में हिजाब के कानून का कड़ाई से पालन
ईरान में हिजाब कानून का अनुपालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का इतिहास रहा है। हाल ही में, एक छात्रा को भी इसी कारण से पुलिस ने पीटा था, जिसके बाद वह कोमा में चली गई और उसकी मौत हो गई। यह घटना भी इस बात का प्रमाण है कि ईरान में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ाई कितनी महत्वपूर्ण है।
ईरान की सरकार ने कई बार हिजाब कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए हैं। ऐसे में परस्तु की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि हिजाब मुद्दे पर ईरान सरकार का रवैया अभी भी कड़ा है।
महिलाओं के अधिकारों के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया
ईरान में हिजाब के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों ने दुनिया भर में महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले को उठाया है। अब, लोग इस मुद्दे को लेकर अधिक जागरूक हो गए हैं और इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।
सार्वजनिक मंच पर महिलाओं की आवाज उठाने का महत्व
परस्तु की गिरफ्तारी ने एक और बार यह साबित कर दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं की आवाज उठाना कितनी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही यह जरूरी है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए लड़ें और समाज में एक नया दृष्टिकोण स्थापित करें।
हालांकि, ईरान में बढ़ते विरोध आंदोलनों के बावजूद, वहां की सरकार ने अभी तक अपने हिजाब कानून को बदलने के संकेत नहीं दिए हैं। यही कारण है कि कई महिलाएं अभी भी अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखे हुए हैं और इस दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद कर रही हैं।
वर्तमान समय में, परस्तु की गिरफ्तारी एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है, जो न केवल ईरान में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय है। सोशल मीडिया पर इस घटना की खबर तेजी से फैल गई है, और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
ईरान की परिस्थितियों में बदलाव लाने के लिए महिलाओं का एकजुट होना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है। इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि समाज में कितना बड़ा बदलाव लाने की आवश्यकता है।

