क्या है असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स का नया अभियान?
असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हाल ही में अलकायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन अंसारुल्ला बांग्ला टीम (एबीटी) के दो और आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रगति का पता चलता है। इस प्रकार, एसटीएफ ने कुल मिलाकर अब तक इस संगठन के 10 आतंकियों को पकड़ा है। यह गिरफ्तारी असम, पश्चिम बंगाल और केरल के विभिन्न स्थानों से हुई है और इसके पीछे मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवाद फैलाने वाले स्लीपर सेल्स का भंडाफोड़ करना है।
गिरफ्तार किए गए आतंकियों में एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल है, जिसका नाम मोहम्मद साद रदी उर्फ शब शेख है। वह बांग्लादेश के राजशाही से है और नवंबर 2024 में भारत में घुसकर हिंसा फैलाने के लिए काम कर रहा था। एसटीएफ के अनुसार, वह असम, पश्चिम बंगाल और केरल का दौरा कर रहा था ताकि एबीटी के स्लीपर सेल कार्यकर्ताओं से संपर्क कर सके। एसटीएफ ने पुलिस के सहयोग से उसे केरल से गिरफ्तार किया, जबकि अन्य आरोपियों को असम और पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया।
गिरफ्तारी के समय इन आतंकियों से कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई थी, जिसमें संदिग्ध ऐप्स वाले मोबाइल फोन, बांग्लादेशी पहचान दस्तावेज और महत्वपूर्ण साक्ष्य वाली पेन ड्राइव शामिल हैं। इस गिरफ्तारी के बाद, एसटीएफ ने एक प्राथमिकी दर्ज की और जिहादी गतिविधियों को रोकने के लिए ‘ऑपरेशन – प्रघात’ की शुरुआत की।
आतंकियों का मकसद और उनके जाल का भंडाफोड़
पार्थ सारथी महंत, एसटीएफ प्रमुख, ने बताया कि इस संगठन का उद्देश्य असम और पश्चिम बंगाल में स्लीपर सेल बनाने के लिए काम करना था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने साद रदी की मदद से कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित व्यक्तियों की पहचान की थी और उन्हें भर्ती करने का प्रयास कर रहे थे। इन गिरफ्तारीयों से यह साफ होता है कि आतंकवादियों का नेटवर्क कितना जटिल है और यह भारत में सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन और दस्तावेजों से पता चला कि इनका संपर्क सीमा पार स्थित बांग्लादेश और पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से था। इस घटना ने सुरक्षा बलों के लिए यह स्पष्ट कर दिया है कि इन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उनके पास सही जानकारी और उपकरण होने पर वे इन खतरों का सामना करने में सक्षम हैं।
आगे की रणनीति और सुरक्षा बलों का संकल्प
एसटीएफ अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये आतंकवादी और उनके नेटवर्क किस प्रकार काम कर रहे थे। इसके अलावा, उन व्यक्तियों की भी पहचान की जा रही है जो इन आतंकवादियों के संपर्क में थे या उनकी गतिविधियों में शामिल थे। सरकार और सुरक्षा बलों का संकल्प है कि वे आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे और किसी भी तरह के खतरे को नकारने के लिए तैयार रहेंगे।
असम में इस प्रकार की गिरफ्तारियाँ आतंकवाद पर कड़े प्रहार को दर्शाती हैं। राज्य सरकार और सुरक्षा बल इस बात के प्रति सजग हैं कि वे देश की सुरक्षा को बनाए रखें और आतंकवाद के नाश के लिए अपने प्रयासों में कोई कमी न आने दें।
इस तरह की घटनाएँ भारत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं, और इस दिशा में जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक आतंकवाद की समस्या बनी रहेगी। सुरक्षा बलों को मजबूत करने और नागरिकों की जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, ताकि हर कोई आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हो सके और देश की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सके।

