अनिल शर्मा की फिल्म ‘वनवास’ का ग्रैंड लॉन्च, जानें इस परिवारिक ड्रामा की अनकही कहानियाँ
निर्देशक अनिल शर्मा की नई फिल्म ‘वनवास’ 20 दिसंबर को प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। इस फिल्म में नाना पाटेकर और अनिल के बेटे उत्कर्ष शर्मा मुख्य भूमिका में हैं। ‘गदर’ और ‘गदर 2’ जैसी हिट फिल्मों के निर्देशक, अनिल ने इस बार एक परिवारिक ड्रामा पेश किया है, जिसमें बुजुर्गों की स्थिति को दर्शाने का प्रयास किया गया है। अनिल शर्मा ने अपनी इस अनोखी फिल्म के बारे में अमर उजाला से खास बातचीत की।
फिल्म ‘वनवास’ की कहानी और इसकी आवश्यकता
आज के समय में परिवारिक रिश्तों की अहमियत और बुजुर्गों की भावनाओं को समझने की आवश्यकता है। अनिल शर्मा के अनुसार, “आज हर घर में वनवास जैसी स्थिति है। बच्चे अपने माता-पिता के लिए समय नहीं निकाल पाते। इस फिल्म के माध्यम से हम दर्शकों को यह दिखाना चाहते हैं कि बुजुर्गों का ध्यान रखना कितना जरूरी है।” उन्होंने बताया कि वृंदावन में कई वृद्ध और विधवा महिलाएं हैं, जिन्हें उनके परिवार ने छोड़ दिया है। “इस फिल्म के जरिए हम उस परिदृश्य को उजागर करना चाहते हैं,” उन्होंने कहा।
नाना पाटेकर का प्रदर्शन
अनिल शर्मा ने नाना पाटेकर के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए कहा, “नाना बहुत प्यारे इंसान हैं। उनके साथ काम करना एक विशेष अनुभव है। वह हर शॉट को समय पर तैयार रहते हैं और अपने काम के प्रति गंभीरता से पेश आते हैं।” उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर स्क्रिप्ट को पूरी तरह से अपने दिमाग में भरकर आते हैं और अपनी कला को बिना किसी देरी के प्रस्तुत करते हैं।
इस फिल्म में नाना की एक्टिंग को देखकर युवा दर्शकों को आश्चर्य होगा। “जब वे इस किरदार को निभाएंगे तो दर्शक उनकी गहराई में जाएंगे और यह अनुभव अद्वितीय होगा।”
उत्कर्ष शर्मा की भूमिका
अनिल शर्मा ने अपने बेटे उत्कर्ष की भूमिका पर भी चर्चा की। “उत्कर्ष इस फिल्म में मुख्य किरदार में हैं। मुझे गर्व है कि वह अपनी मेहनत के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं।” उन्होंने बताया कि उत्कर्ष ने अपने किरदार के लिए कड़ी मेहनत की है और दर्शक उनकी प्रतिभा को पहचानेंगे।
फिल्म का महत्व
अनिल शर्मा ने यह भी बताया कि ‘वनवास’ एक पारिवारिक फिल्म है, जो आज की व्यस्त जीवनशैली में भावनाओं और संबंधों की अहमियत को प्रदर्शित करती है। “हमने इस फिल्म को समाज में बुजुर्गों की स्थिति को समझने और उनकी देखभाल करने के लिए बनाया है।”
इस फिल्म के माध्यम से शर्मा ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि हमें अपने परिवार के प्रति वक्त निकालना चाहिए और बुजुर्गों का ध्यान रखना चाहिए।

