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Wednesday, January 21, 2026

अतुल सुभाष मामले में नया मोड़: निकिता ने मां और वकील के कहने पर डाली तलाक की अर्जी

इंडियाअतुल सुभाष मामले में नया मोड़: निकिता ने मां और वकील के कहने पर डाली तलाक की अर्जी

अतुल सुभाष की आत्महत्या चालान की कड़ी: पत्नी निकिता पर लगे गंभीर आरोप

कर्नाटक पुलिस ने आत्महत्या के मामले में जांच तेज कर दी है। अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। यह मामला तब सामने आया जब जौनपुर की रहने वाली निकिता ने अपने पति के खिलाफ तलाक की अर्जी दी। इस अर्जी को उसके मां और वकील के कहने पर दाखिल करने की बात सामने आई है।

बंगलूरू के इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। निकिता का कहना है कि पति ने उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे, जिससे विवाद बढ़ा। इस मामले में कर्नाटक पुलिस ने निकिता और उसके परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के पीछे की कहानी अब खुल रही है, जिसमें परिवार के भीतर के रिश्तों का टकराव भी शामिल है।

इस विवाद का मुख्य कारण निकिता का अपने पिता के दोस्त के बेटे से भोजन मंगवाना बताया जा रहा है, जिसे अतुल ने गलत संबंध का आरोप लगा दिया था। इससे संबंधित मामला 25 सितंबर को कानूनी रूप ले लिया था, जब अतुल ने अपनी पत्नी के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी।

कानूनी प्रक्रिया में आगे का रास्ता

जिला एवं सत्र न्यायालय में अदालती कार्यवाही के दौरान, अतुल सुभाष द्वारा आत्महत्या के बाद निकिता ने भरण पोषण के लिए मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत में बयान में खुलासा हुआ कि निकिता ने तलाक की अर्जी मां और वकील के दबाव में डालने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, अतुल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला भी सीजेएम कोर्ट में दर्ज किया गया था।

कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में अब तक कई सबूत इकट्ठा किए हैं और सुसाइड नोट के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की गई दस्तावेजों की जांच की है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मामले में कौन-कौन से लोग शामिल थे। इस संबंध में परिवार न्यायालय में इस हफ्ते सुनवाई होनी है।

अतुल सुभाष की खुदकुशी के मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तलाक की अर्जी के पीछे का वास्तविक कारण निकिता का अपने पति के साथ विवाद बताई जा रही है। निकिता ने कोर्ट में कहा था कि अतुल उसे गलत आरोपों में फंसाने की कोशिश कर रहा था। इसी कारण वह अपने परिवार से परामर्श लेकर तलाक की अर्जी दाखिल करने पर मजबूर हो गई।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना

पुलिस ने इस मामले में निकिता, उसकी मां और भाई को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब बंगलूरू पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में जमानत की कोशिश की गई है, और अदालत में इसकी सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं का मानना है कि मामले की सुनवाई सिंगल बेंच में हो सकती है। बंगलूरू में किए गए आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट और अतुल के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस घटनाक्रम के पीछे कई परिवारिक विवाद और कानूनी जटिलताएं शामिल हैं, जो इसे और भी संवेदनशील बनाते हैं।

निकिता ने बताया है कि परिवार न्यायालय में दिए गए उनके बयान में यह बात उजागर हुई कि अतुल के व्यवहार ने उन्हें तलाक की दिशा में बढ़ने के लिए मजबूर किया। यह उन सबूतों में से एक है जो इस मामले को और भी गंभीर बनाते हैं।

आर्थिक संकट का भी प्रभाव

अतुल ने परिवार न्यायालय में यह भी कहा कि हर महीने वह अपने बच्चे के नाम पर जौनपुर में 5000 रुपये भेजता था, लेकिन निकिता और उसके परिजनों ने मनी ऑर्डर वापस लौटा दिया। इसके बाद उन्होंने बच्चे के बैंक खाते में पैसे भेजने का निर्णय लिया। इस बात का प्रमाण अदालत में पेश किया गया है कि हर महीने भेजे जाने वाले मनी ऑर्डर को इस बहाने वापस किया गया कि प्राप्तकर्ता कहीं चली गई है।

अतुल का कहना था कि उनके आर्थिक स्थिति को लेकर भी निकिता के परिवार ने उन्हें मानसिक दबाव में डालने का काम किया। ऐसे हालात में जब व्यक्ति अपने परिवार के साथ नहीं रह सकता, तो उसकी मानसिक स्थिति और भी खराब हो जाती है। ऐसे में अतुल ने इस कदम को उठाने का निर्णय लिया, जिससे उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में तकरार बढ़ गया।

अतुल सुभाष की आत्महत्या की कहानी न केवल एक परिवारिक विवाद की पराकाष्ठा है बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि किन परिस्थितियों में एक व्यक्ति खुद के जीवन को समाप्त करने का निर्णय ले सकता है। यह मामला सभी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम अपने परिजनों और मित्रों के साथ कैसे व्यवहार कर रहे हैं।

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