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Wednesday, January 21, 2026

सपनों की उड़ान: संघर्षों से भरी कहानी, सुदीप्तो सेन ने दी हौसला अफजाई

इंडियासपनों की उड़ान: संघर्षों से भरी कहानी, सुदीप्तो सेन ने दी हौसला अफजाई

फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष से कामयाबी तक: सुदीप्तो सेन की प्रेरक यात्रा

मुंबई: फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे नए कलाकारों के लिए ‘अपना अड्डा विद पंकज शुक्ल’ का दिसंबर माह का समागम एक प्रेरणा स्रोत साबित हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे संघर्षों और मुश्किल हालातों के बाद उन्होंने एक 400 करोड़ की फिल्म (द केरल स्टोरी) बनाई। उनका यह संदेश था कि अगर वे ऐसा कर सकते हैं, तो कोई भी कामयाब हो सकता है।

क्या हुआ? सुदीप्तो सेन ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि वे खुद को कभी भी स्ट्रगलर नहीं मानते और दूसरों के लिए भी ऐसी सोच रखने का संदेश दिया। कहाँ हुआ? यह कार्यक्रम मुंबई में आयोजित किया गया था, जहाँ विभिन्न छोटे शहरों और गांवों से आए कलाकार एकजुट हुए। कब हुआ? कार्यक्रम का आयोजन दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में किया गया। क्यों हुआ? इसका उद्देश्य नए कलाकारों को प्रेरित करना और उनके सकारात्मक माहौल में सहायता करना था। कैसे हुआ? सुदीप्तो सेन ने अपनी कहानी साझा की और नए कलाकारों के साथ संवाद किया, जिससे सभी को हौसला मिला।

सुदीप्तो सेन का संघर्ष

सुदीप्तो सेन ने अपने दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्हें घर का किराया चुकाने के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, “अगर मैं एक 400 करोड़ की फिल्म बना सकता हूं, तो आप सभी भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।” उन्होंने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के रिलीज के समय के तनाव का जिक्र करते हुए बताया कि किस प्रकार उनके सामने कई चुनौतियाँ आईं, लेकिन अंततः उनकी मेहनत रंग लाई।

समर्थन और प्रेरणा का स्रोत

इस कार्यक्रम के दौरान, सुदीप्तो सेन ने ‘अपना अड्डा विद पंकज शुक्ल’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सपोर्ट ग्रुप बेहद आवश्यक हैं, जो नए कलाकारों को पहचानने और उनके साथ खड़े होने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद को कभी स्ट्रगलर नहीं माना और यहां आने वाले किसी व्यक्ति को भी ऐसे नहीं देखा।

कई उभरते सितारे

सुदीप्तो ने कई उभरते कलाकारों को पहचानते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने चेतन शर्मा की तारीफ की, जिन्होंने ‘सैक्रेड गेम्स’ जैसी सफल सीरीज में काम किया है। इस दौरान, अभिनेता और निर्देशक अमरेंद्र शर्मा की म्यूजिकल शॉर्ट फिल्म ‘रसप्रिया’ को भी सुदीप्तो ने अच्छा बताया।

रचनात्मकता और संगीत

कार्यक्रम में संगीतकार मुकुल पुरी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान खींचा। उनके द्वारा गाए गए गीत ‘पानी’ ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस तरह का सहयोग न केवल कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक मंच पर मिलकर कैसे नए सपनों को साकार किया जा सकता है।

भविष्य की उम्मीदें

‘अपना अड्डा’ का यह प्रयास एक साल पूरा हुआ। पंकज शुक्ल ने बताया कि यह उन होनहार कलाकारों को खोजने और पहचानने का प्रयास है, जो अपने गांवों से निकलकर मुंबई की बस्तियों में संघर्ष कर रहे हैं। यह कार्यक्रम हर शनिवार को नए लोगों से मिलने का साप्ताहिक आयोजन है, जबकि महीने में एक बार यह अनौपचारिक गेट टुगेदर के रूप में आयोजित किया जाता है।

उद्यमिता और आत्मविश्वास

संघर्ष के इस सफर में सुदीप्तो सेन का यह कहना कि “आपका आत्मविश्वास और मेहनत ही आपको सफलता दिलाएगी”, सभी को एक नया दृष्टिकोण देने का काम करेगा। उन्होंने कहा, “अगर आप सच्चे मन से कोशिश करें, तो कुछ भी असंभव नहीं है।”

शिक्षा और प्रेरणा

इस कार्यक्रम से जुड़े कई नए कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उनमें से कुछ को सुदीप्तो ने विशेष रूप से सराहा। इस प्रकार के आयोजन न केवल नए कलाकारों को प्रेरित करते हैं बल्कि उन्हें खुद पर विश्वास दिलाते हैं कि वे भी अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।

कलाकारों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक कदम आगे

‘अपना अड्डा’ की इस पहल ने नए कलाकारों के लिए एक मंच तैयार किया है, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को पहचान सकते हैं और एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं। यह न केवल एक नेटवर्क बनाने का कार्य कर रहा है, बल्कि नए सपनों की नींव भी रख रहा है। सुदीप्तो सेन का अनुभव और उनका संघर्ष निश्चित रूप से उन सभी के लिए एक प्रेरणा बनेगा, जो इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रयासरत हैं।

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