मुंबई: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, निवेशकों में उम्मीदें बनीं
घरेलू शेयर बाजार आज शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024 को एक बार फिर हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 311.48 अंक चढ़कर 78,783.96 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 98.1 अंक की बढ़त के साथ 23,848.30 पर पहुंचा। इस सकारात्मक रुझान के पीछे कई कारण हैं, जिसमें वैश्विक बाजारों से प्राप्त समर्थन और निवेशकों की बढ़ती उम्मीदें शामिल हैं।
क्या? कैसे? क्यों?
शुरुआती कारोबार में इस वृद्धि का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर अन्य बाजारों से कमजोरी का न होना है। पिछले कुछ दिनों में बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में संभावित बदलाव और अन्य आर्थिक कारकों ने निवेशकों के मन में आशंका पैदा की थी। लेकिन आज के बाजार में सकारात्मक संकेत दिख रहे हैं, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ा है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिली, जो कि 85.34 पर पहुंच गया है, जिससे विदेशी निवेशकों को अपनी स्थिति में सुधार करने का मौका मिला है।
कहाँ? कब?
घरेलू शेयर बाजार ने आज सुबह 9:15 बजे से कारोबार करना शुरू किया। मुंबई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने शुरुआती आंकड़ों के अनुसार यह बढ़त दर्ज की। इससे पहले, बाजार में हल्की उतार-चढ़ाव देखने को मिली थी, लेकिन आज की सकारात्मक शुरुआत ने आशा की किरण दिखाई है।
क्यों? निवेशकों की उम्मीदें बढ़ी
विश्लेषकों का मानना है कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों जैसे कि अमेरिका में बढ़ती महंगाई दर, यूरोप में आर्थिक सुधार के संकेत और एशियाई बाजारों में स्थिरता ने भारतीय बाजार में भी सकारात्मक प्रभाव डाला है। इसके अलावा, घरेलू कारक जैसे कि आगामी यूनियन बजट और कंपनियों के तिमाही परिणामों के बारे में सकारात्मक आवाजें भी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
क्या आगे की अपेक्षाएँ हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रुझान बना रहता है, तो निवेशकों को और अधिक लाभ देखने को मिल सकता है। हालांकि, बाजार में आने वाली समाचारों और घटनाओं पर नजर रखना आवश्यक होगा। इस रुख का कितना असर लंबी अवधि में पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
एक्सपर्ट का कहना है:
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को इस समय सतर्क रहना चाहिए। क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव किसी भी समय हो सकता है। इसी के साथ, कंपनियों के तिमाही नतीजों और मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा का भी ध्यान रखना आवश्यक है।
बाजार के अन्य कारक:
बाजार में सभी क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है। खासकर इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी सेक्टर ने अच्छी वृद्धि दिखाई है। वहीं, वैश्विक स्थिरता के साथ, भारतीय बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह भी बढ़ा है, जो कि बाजार को और ज्यादा मजबूत बनाता है।
इस समय निवेशकों को सतर्कता के साथ मार्केट ट्रेंड का पालन करना चाहिए। जैसे-जैसे बाजार में सकारात्मकता बढ़ रही है, वैसे-वैसे निवेश करने के नए अवसर भी बढ़ रहे हैं। हालांकि, सभी आर्थिक परिवर्तनों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।

