ISRO ने स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग का समय बदला, पीएसएलवी-सी60 की उड़ान को लेकर दिया नया अपडेट
नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने महत्वकांक्षी अंतरिक्ष मिशन ‘स्पेडेक्स’ की लॉन्चिंग का समय बदल दिया है। पहले यह मिशन 9:58 बजे लॉन्च होने वाला था, लेकिन अब इसे 10 बजे किया जाएगा। इस निर्णय के पीछे की वजह को इसरो ने स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन यह मिशन भारत के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
कौन, क्या, कहां, कब, क्यों और कैसे: इस मिशन के तहत, ISRO ने पृथ्वी की निचली कक्षा में दो स्पेसक्राफ्ट को आपस में जोड़ने की चुनौती उठाई है। यह खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारत की अंतरिक्ष में डॉकिंग करने की क्षमता को स्थापित किया जाएगा। भारत से पहले केवल तीन देश – अमेरिका, रूस और चीन – इस उपलब्धि को हासिल कर चुके हैं। इस मिशन का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इससे आगामी चंद्रयान-4 मिशन को सफल बनाने की तैयारी की जा रही है।
स्पेडेक्स मिशन की विशेषताएं: इस मिशन में, पीएसएलवी-सी60 रॉकेट से दो स्पेसक्राफ्ट – एसडीएक्स01 और एसडीएक्स02 – को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इन दोनों यानों को एक-दूसरे से 5 किलोमीटर की दूरी पर रखा जाएगा और जब ये पहले से निर्धारित कक्षा में पहुंचेंगे, तब उनकी गति 28,800 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। इसके बाद, इन्हें 0.25 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति पर लाकर आपस में जोड़ा जाएगा।
अंतरिक्ष डॉकिंग का महत्व: इस मिशन के जरिए भारत को भविष्य के मिशनों के लिए महत्वपूर्ण तकनीक मिल सकती है, जिसमें इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना भी शामिल है। अगर इस मिशन में सफलता मिलती है, तो यह भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
भारत का अंतरिक्ष भविष्य: इसरो के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि स्पेडेक्स मिशन चंद्रयान-4 में भी महत्वपूर्ण होगा, जिसमें चंद्रमा से सैंपल वापस भेजने की योजना है। इसके अलावा, भारत के अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने के लिए भी डॉकिंग तकनीक की आवश्यकता पड़ेगी।
सीधा प्रसारण: इस महत्वपूर्ण लॉन्चिंग का सीधा प्रसारण इसरो के यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा, जो कि रात 9:30 बजे से प्रारंभ होगा।
अंत में: स्पेडेक्स मिशन केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं है, बल्कि यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत की अंतरिक्ष शक्ति को और अधिक मजबूत करेगा। इस मिशन की सफलता से न केवल ISRO की मान्यता बढ़ेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को भी सुदृढ़ करेगा।
इसरो के स्पेडेक्स मिशन पर अधिक जानकारी के लिए आप[इस लिंक](https://www.isro.gov.in) पर जा सकते हैं।
अगर आप अंतरिक्ष कार्यक्रमों के विकास के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो[NASA](https://www.nasa.gov) और[ESA](https://www.esa.int) की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।
स्पेडेक्स मिशन का सफल होना न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए मानवता के विकास में एक नया अध्याय खोलने का अवसर साबित हो सकता है।

