राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष मंत्रालय ने जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) की स्थापना की है। अब तक देशभर में 1,73,881 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित हो चुके हैं, जो 12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन कर रहे हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर का विस्तार
फरवरी 2018 में भारत सरकार ने दिसंबर 2022 तक देशभर में 1,50,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी। इन केंद्रों को पहले आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (AB-HWC) के नाम से जाना जाता था। राज्यों द्वारा प्रदान किए गए अद्यतन के अनुसार, जुलाई 2024 तक कुल 1,73,881 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित हो चुके हैं और संचालित किए जा रहे हैं। ये केंद्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्रों (SHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को अपडेट कर एक विस्तृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे हैं, जिसमें निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक, उपशामक और पुनर्वास सेवाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक नेटवर्क
जुलाई 2024 तक इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 317.34 करोड़ लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई है। इनमें से ब्लड प्रेशर की जांच 84.28 करोड़, मधुमेह की जांच 74.18 करोड़, मौखिक कैंसर की जांच 49.88 करोड़, स्तन कैंसर की जांच 22.87 करोड़, ग्रीवा कैंसर की जांच 15.13 करोड़, योग वेलनेस सत्र 3.98 करोड़ और टेली कंसल्टेशन 26.39 करोड़ तक पहुंच चुके हैं।
इस व्यापक नेटवर्क के माध्यम से आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब हर नागरिक को निःशुल्क और समुदाय के करीब स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे देश की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।

